जीडीए की खाली संपत्तियां अब हर शुक्रवार होंगी हथौड़े के नीचे, राजस्व बढ़ाने की बड़ी पहल

-6 फरवरी को पहली नीलामी, 110 भूखंड और भवन बिक्री के लिए तैयार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी रिक्त संपत्तियों के शीघ्र निस्तारण और राजस्व बढ़ोतरी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जीडीए की विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों और भवनों को बेचने के लिए अब प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से नीलामी आयोजित की जाएगी। इसी क्रम में आगामी 6 फरवरी, शुक्रवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में नीलामी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें करीब 110 संपत्तियों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को नीलामी आयोजित की जाए, ताकि लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों का उपयोग हो सके और प्राधिकरण के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो।

इस फैसले के बाद जीडीए ने नीलामी की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि 6 जनवरी को होने वाली नीलामी में जीडीए की विभिन्न योजनाओं की संपत्तियों को शामिल किया गया है। इनमें इंदिरापुरम और इंदिरापुरम विस्तार योजना के आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ-साथ इंद्रप्रस्थ, कौशांबी और मधुबन-बापूधाम योजना के भूखंड भी शामिल हैं।

नीलामी में भाग लेने के इच्छुक आवेदक अपने आवेदन फॉर्म निर्धारित बैंकों में जमा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार की नीलामी में लगभग 110 संपत्तियां रखी जाएंगी, जिनमें आवासीय भवनों के साथ-साथ कॉमर्शियल भूखंड भी शामिल हैं। नीलामी स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू ढंग से संपन्न हो सके। जीडीए का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग नीलामी प्रक्रिया में भाग लें और खाली संपत्तियों का उपयोग जल्द से जल्द शुरू हो सके। गौरतलब है कि जीडीए ने बीते दो महीनों में आयोजित दो नीलामियों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां बेचकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी सकारात्मक अनुभव को देखते हुए प्राधिकरण ने नीलामी को नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि लगातार नीलामी होने से न केवल जीडीए का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि शहर के विभिन्न इलाकों में विकास गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

प्राधिकरण के अनुसार, प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाली नीलामी में अलग-अलग योजनाओं की रिक्त संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से बिक्री के लिए रखा जाएगा। इससे संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को बार-बार अवसर मिलेगा और उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। जीडीए की इस पहल को रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नीलामी से बाजार में स्थिरता आएगी और निवेशकों को योजनाबद्ध तरीके से संपत्तियां खरीदने का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, जीडीए का यह फैसला न केवल प्राधिकरण के वित्तीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम है, बल्कि शहर के समग्र विकास को भी नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।