15वें वित्त आयोग के फंड से 377 करोड़ से शहर के विकास को लगेंगे पंख

  • इंदिरापुरम सहित सभी जोन में होंगे निर्माण, उद्यान और जलकल के कार्य: महापौर
  • वायु गुणवत्ता सुधार के कार्यों को भी मिलेगा बढ़ावा: नगर आयुक्त
  • अमृत योजना के अंतर्गत 15 करोड़ से निगम बढ़ाएगा वॉटर कनेक्शन, वाटर स्काडा की शहर में होगी शुरुआत
  • महापौर व नगर आयुक्त ने बनाई योजना, इंदिरापुरम समेत अन्य क्षेत्र में होंगे कार्य
  • गाजियाबाद को ग्रीन गाजियाबाद बनाने में जुटा निगम, 15 वित्त समिति ने की संस्तुति
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा 15वें वित्त आयोग के फंड से शहर में 377 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई है। इंदिरापुरम योजना में 185 करोड़ रुपए के कार्यों के अलावा 15वें वित्त से 106 करोड़, एयर क्वॉलिटी के अंतर्गत 71 करोड़ तथा अमरुत योजना अंतर्गत 15 करोड़ को स्वीकृत किया गया हैं। इंदिरापुरम क्षेत्र में 185 करोड़ के कार्यों को करने के लिए योजना बनाई जा चुकी है। जिसमें से 110 करोड़ के कार्यों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया जा चुका है,जबकि 50 करोड़ के नालों का निर्माण तथा 50 करोड़ सड़क सुधार में लगाए जाएंगे। इसके अलावा 20 करोड़ रुपए पेयजल व्यवस्था सुधार  तथा 25 करोड़ सीवर लाइन के कार्यों के लिए लगाया जाएगा। उद्यान विभाग 11 करोड़ रुपए से पार्कों का जीर्णोद्धार कराएगा। प्रकाश विभाग द्वारा लगभग 14 करोड़ से इंदिरापुरम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को 15 करोड़ दिए गए हैं। जिसमें इंदिरापुरम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आधुनिक उपकरणों को भी खरीदा जाएगा।
शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। महापौर की अध्यक्षता में गाजियाबाद नगर निगम शहर के विकास को रफ्तार दे रहा है। जिसमें जीडीए से हैंडओवर हुई इंदिरापुरम कॉलोनी में 185 करोड़ रुपए के कार्य के लिए योजना बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा एयर क्वालिटी इंडेक्स के अंतर्गत लगभग 85 करोड़ रुपए से शहर में विकास कार्यों को कराया जाएगा। जिसमें 58 करोड़ से मुख्य सड़कों के सुधार का कार्य होगा। जबकि 10 करोड़ से उद्यान विभाग ग्रीन बेल्ट तथा सेंट्रल वर्ज को बेहतर करेगा। शहर को ग्रीन गाजियाबाद के रूप में बनाने के लिए उद्यान विभाग द्वारा विशेष कार्रवाई कराई जाएगी। एयर क्वालिटी इंडेक्स के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग को 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जिसमें आधुनिक उपकरणों को शहर हित में खरीदा जाएगा।
महापौर ने बताया कि ऐसे क्षेत्र जहां विकास की अधिक आवश्यकता है। उन्हें प्राथमिकता पर विकसित किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार मलिन बस्तियों में अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कराए जाएंगे। आंतरिक वार्डों के साथ-साथ मुख्य मार्गों को भी सुसज्जित करने के लिए शामिल किया गया हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि सभी मदों से प्राप्त होने वाली धनराशि से शहर में विकास कार्य कराने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहर को ग्रीन गाजियाबाद बनाने की योजना को सफल बनाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने बताया कि 15वें वित्त से लगभग 106 करोड़ रुपए के कार्य वार्डों में आंतरिक व मुख्य मार्गों पर कराए जाएंगे। जिसमें 60 करोड़ रुपए के कार्य सफाई पर खर्च होंगे। वहीं, 26 करोड़ रुपए नाला निर्माण और 24 करोड़ रुपए पेयजल व्यवस्था तथा सीवर लाइन व्यवस्था के उपयोग में लिए जाएंगे।
इन सभी विकास कार्यों को 15 वें वित्त आयोग समिति द्वारा स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि अमरुत योजना के अंतर्गत 15 करोड़ की लागत से वॉटर कनेक्शन को बढ़ाया जाएगा। वाटर स्काडा की शुरुआत भी गाजियाबाद में की जाएगी। इससे जलकल विभाग हाईटेक होगा और जलापूर्ति की मॉनिटरिंग ऑनलाइन कर सकेगा। बैठक में इस दौरान अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, जीएम जलकल केपी आनंद, एमएनएलपी विवेक सिंह, ऑडिटर विमलेश सिंह, ऑडिटर रोहताश शुक्ला, एएओ जेपी सिंह, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह, विवेक त्रिपाठी उपस्थित रहे।