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धौलाना के पिपलहेड़ा में एसआर एंक्लेव कॉलोनी में सड़क,ऑफिस ध्वस्त
गाजियाबाद। बिना नक्शा स्वीकृति के विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर जीडीए का बुलडोजर कहर बनकर टूट रहा है। अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। वहीं अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वाले लोगों का भी बुरा हाल है। क्योंकि जब यह प्लॉट खरीदने जाते है, तब उन्हें जीडीए से अप्रूवल बता दिया जाता है। सस्ते के लालच में लोग बिना किसी जांच पड़ताल के कॉलोनाइजर के झांसे में आ जाते है और अपने जीवन की गाढ़ी कमाई लगा देते है। जब तक उन्हें कुछ पता चलता है तब तक कॉलोनाइजर भी फुर्र हो चुके है। जीडीए लगातार कार्रवाई कर आमजन से अपील कर रहा है, बिना जांच पड़ताल के कहीं भी प्लॉट न खरीदें। किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले इसकी जानकारी जीडीए में आकर कर सकते है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम द्वारा अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई अब लगातार जारी है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त करने के आदेश के क्रम में धौलाना क्षेत्र के पिपलहेड़ा में अनाधिकृत कॉलोनी को ध्वस्त किया गया। शुक्रवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-5 के सहायक अभियंता अनुज कुमार ने अवर अभियंता संजय कुमार, अवर अभियंता ज्ञान प्रकाश द्विवेदी एवं जीडीए पुलिस और धौलाना थाना पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। सहायक अभियंता ने बताया कि ग्राम पिपलहेड़ा के खसरा संख्या-335 पर मोहम्मद जाहिद हुसैन पुत्र अफसर अली,युसुफ अली पुत्र मुस्तफा अली द्वारा अवैध रूप से एसआर एन्क्लेव कॉलोनी काटी जा रही है।
टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो अवैध कॉलोनी का मुख्य गेट बंद था। इस गेट को तोड़ते हुए कॉलोनी में बुलडोजर चलाकर रोड़ी की काली सड़क,डिवाइडर, कॉलोनाइजर का साईट ऑफिस, भूखंडों की बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही पार्क और भूखंडों की बाउंड्रीवाल ध्वस्त करते हुए अन्य कच्ची सड़कों को भी बुलडोजर चलाकर काटकर समाप्त कर दिया गया। जीडीए की इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान जमकर विरोध किया। मगर पुलिस बल ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जीडीए प्रवर्तन जोन-5 प्रभारी ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को अवैध कालोनियों के बारे में सचेत करते हुए इन अवैध कालोनियों में प्लाट न खरीदने की सलाह दी गई। भविष्य में अवैध निर्माणोंं के विरूद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

















