श्रीलंका के 40 सिविल सेवकों को कर्तव्यों, दायित्वों से किया जागरूक

गाजियाबाद। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र की टीम के साथ श्रीलंका के 40 सिविल सेवकों का लोक नीति एवं शासन से संबंधित पारस्परिक विचार-विमर्श कार्यक्रम के लिए आगमन हुआ। मंगलवार को विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में  श्रीलंका से आए सिविल सेवकों को गार्ड ऑफ  ऑनर कर स्वागत किया गया। गुरुकुल स्कूल के बच्चों ने उनका टीका और माला पहनाकर स्वागत किया गया। दुर्गावती देवी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने भारतीय प्रशासन में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के कर्तव्यों और दायित्वों के बारे में बताया। एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने अपर जिलाधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के बारे में बताया। एसडीएम निखिल चक्रवर्ती ने तहसील और एसडीएम के कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम के अगले चरण में पुलिस प्रशासन से संबंधित कार्यों,दायित्वों एवं संरचना के बारे में पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल एवं सहायक पुलिस आयुक्त लिपि नगायच ने प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद श्रीलंका सिविल सेवकों द्वारा कई जिज्ञासा जाहिर की गई। इनका उत्तर सीडीओ ने दिया। कार्यक्रम के समापन में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के प्रतिनिधि एवं श्रीलंका के सभी सिविल सेवकों को सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने एनआरएलएम की स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित स्टॉल पहनाकर धन्यवाद ज्ञापित किया। सडीओ एवं जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों को श्रीमद्भागवत गीता और स्मृति उपहार प्रदान किया। जिला विकास अधिकारी ने टीम को विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण कराया गया।