-जिला आबकारी विभाग की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मुहिम
गाजियाबाद। जनपद में लगातार अवैध रूप से कच्ची शराब की बिक्री के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने इस बार कार्रवाई नहीं लोगों को जागरूक कर उसकी बिक्री पर रोक लगाने की पहल की है।
जनपद में अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए जिला आबकारी विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में शराब तस्करों के खिलाफ जागरूकता अभियान को हथियार बनाया गया है। नागरिकों को जागरूक कर अवैध शराब का सेवन न करने की अपील की जा रही है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। जनपद में पुलिस एवं आबकारी विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते रहते हैं। इसके बावजूद शराब माफिया समय-समय पर सिर उठाने की कोशिश करते हैं। जानकारी के अभाव में नागरिक अक्सर अवैध शराब का सेवन कर लेते हैं। अवैध शराब जानलेवा भी साबित होती है। जनपद में आबकारी विभाग अब अवैध शराब के घातक नतीजों के विषय में जन-साधारण को जागरूक कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि अवैध मदिरा/विषाक्त मदिरा से सचेत करने के लिए संदेश लिखे पोस्टर जगह-जगह चस्पा किए जा रहे हैं। अवैध शराब का शौक है, तो उसे छोड़ दें। इसमें मिथाइल अल्कोहल की मिलावट हो सकती है। ऐसी शराब के प्रयोग से अंधेपन के साथ-साथ जान भी जा सकती है। अवैध शराब के दुष्परिणाम के बारे में जन साधारण को अवगत कराने के लिए लाउडस्पीकर से संदेश भी प्रसारित कराया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्रवाई चल रही है। शराब माफिया को मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी। अवैध शराब की बिक्री के विरूद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता का भी सहारा लिया गया है। इस अभियान में सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है। सिर्फ कार्रवाई से लोग जागरूक नहीं हो सकते हैं, अवैध रूप से शराब बनाकर बेचने वाले लोगों को उसके नुकसान के बारे में बताया जाएगा, जिससे लोग जागरूक हो। क्योंकि अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतयाा रोक लगाने के लिए लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। बिना जागरूकता के अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाना संभव नही है। उन्होंने बताया किसभी आबकारी इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र में लोगों से तालमेल बनाने के निर्देश दिए गये है। टीम द्वारा लगातार तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग को भरोसा है कि जागरूकता अभियान से इस धंधे को रोकने में मदद मिलेगी। शहरों के अलावा तमाम गांवों में भी जागरूकता अभियान चल रहा है। आबकारी अधिकारी ने अपील की है कि अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने बताया अवैध शराब की बिक्री के विरूद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता का कार्यक्रम भी किया जा रहा है। इस अभियान में सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई से लोग जागरूक नहीं हो सकते हैं, अवैध रूप से शराब बनाकर बेचने वाले लोगों को उसके नुकसान के बारे में बताया जाएगा। समाजसेवियों, अभिभावकों व अध्यापकों को, युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है। अवैध शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जनता सस्ती व मिलावटी शराब पीने से परहेज करे। इच्छुक व्यक्ति केवल सरकारी दुकान से ही शराब खरीदें। सस्ती शराब के चक्कर में नुकसान उठाना पड़ सकता है। मिलावटी शराब पीकर खुद के स्वास्थ्य व जीवन के साथ खिलवाड़ न करें। सरकारी दुकान पर शराब लेते समय सील बंद, क्यू आर कोड देखकर ही शराब खरीदें। अवैध शराब बिक्री की सूचना क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक को दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम विभाग गोपनीय रखता है।
















