-जल निगम के खिलाफ अधूरी योजनाओं और बंद योजनाओं की शासन से महापौर करेंगी शिकायत
गाजियाबाद। शहर में पानी का संकट झेल रहे लोगोंं को नगर निगम पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। ऐसे में जल निगम पर अब नगर निगम ठीकरा फोड़ रहा है। महापौर सुनीता दयाल ने सोमवार को पानी के संकट को लेकर जल निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जल निगम की वजह से शहरवासियों को जल संकट झेलना पड़ रहा हैं। जल निगम बड़ी-बड़ी योजनाओं को पूरा करने के बाद चालू नहीं करता है। ऐसे में जल निगम के कारनामो का दंश नगर निगम को झेलना पड़ रहा हैं। महापौर ने कहा कि जल निगम के खिलाफ प्रदेश शासन में पत्राचार किया जाएगा। जल निगम ने शहर में कहीं पंप नहीं चालू किए तो कहीं पानी की टंकी में सप्लाई शुरू नहीं की है। पानी की पाइप लाइनों में भी जगह-जगह लीकेज मिल रहे हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में नगर निगम द्वारा शाहवासियों को जल की आपूर्ति करना मूल सुविधाओं में से एक है। नगर निगम अधिकारियों के अथक प्रयास से हर क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।
नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारी गर्मी में भी सड़कों पर उतरकर कार्य कर रहे हैं, ताकि शहर में जल संकट न हो। लेकिन नगर निगम के सामने बहुत बड़ी समस्या यह है कि शहर में जलापूर्ति की सभी जिम्मेदारी शासन द्वारा जल निगम को दी जाती है। जिस पर वह खरा उतर नहीं पा रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे वार्ड-7 बिहारीपुरा, वार्ड-35 अकबरपुर-बहरामपुर, वार्ड-27 सैन विहार, वार्ड-2 राहुल विहार व के ब्लॉक विजयनगर आदि में वर्तमान में भी जल निगम पानी की आपूर्ति का काम देख रहा है। नगर निगम को न तो योजना को हैंडओवर कर रहा है, जबकि उन योजनाओं को चालू कर जनता को जलापूर्ति नहीं कर पा रहा है। जो हैंडओवर की गई। उनमें बड़े पैमाने पर लापरवाही है। इसका खामियाजा नगर निगम को झेलना पड़ रहा है। सिहानी गांव में पानी की टंकी से पानी की सप्लाई को शुरू कराई गई। इसी प्रकार अन्य कार्य भी है। जिसमें जल निगम की लापरवाही और खामियां मिल रही है। पंप नहीं चल रहे। उनमें झाडिय़ां खड़ी हें।
पानी की टंकी बनाई है,पानी की लाइन बिछाई गई है, लेकिन पानी की सप्लाई नहीं की जा रही हैं। पानी की जहां पाइप लाइन डाली गई है उनमें लीकेज बहुत है। यह योजना पूर्ण कर नगर निगम को हैंडओवर भी नहीं की जा रही है। इस वजह से शहरवासियों को जल संकट झेलना पड़ रहा है। महापौर ने अधिकारियों के साथ इन सभी योजनाओं का निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण में जल निगम की घोर लापरवाही सामने आई। महापौर ने कहा कि जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक भी की जा चुकी है। मगर पानी की आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रदेश शासन में जल निगम के खिलाफ अधूरी योजनाओं और बंद योजनाओं को लेकर पत्राचार किया जाएगा।
















