समस्याओं के फर्जी निस्तारण पर खैर नहीं, समय सीमा पर करें निस्तारित: अतुल वत्स

-आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के फर्जी निस्तारण व लापरवाह अधिकारियों को जीडीए उपाध्यक्ष ने दी चेतावनी

गाजियाबाद। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायतों के फर्जी निस्तारण करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी की खैर नहीं होगी। इन शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स खुद कभी कर सकते है। साथ ही आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण समय सीमा के भीतर होगा। लोगों द्वारा फर्जी निस्तारण की शिकायतों को देखते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने निर्णय लिया है। विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों की पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जाती है। आईजीआरएस पर आने वाली हर शिकायत को समय सीमा के अंदर निस्तारित करना होता है। निस्तारण के बाद मुख्यालय से फोन पर शिकायतकर्ता से जानकारी भी ली जाती है कि वह निस्तारण से संतुष्ट है या नहीं।

तय सीमा में निस्तारित होने वाली शिकायतों को डिफॉल्टर मानते हुए संबंधित बाबू और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी अनुभाग के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिए हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में हर महीने 20 हजार से ज्यादा शिकायत आती हैं। इनमें से 60 फीसदी शिकायत आईजीआरएस पर आती है। लेकिन, समय सीमा के भीतर इनका निस्तारण न होने की शिकायत जीडीए उपाध्यक्ष को मिल रही हैं। इनका संज्ञान लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने पिछले दिनों आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पाया कि अनुभाग शिकायतों का निस्तारण करने में लापरवाही कर रहे हैं। तय समय के अंदर इनका निस्तारण नहीं किया जाता है।

जबकि इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर सूबे के मुख्यमंत्री की निगाहें टिकी रहती है। ऐसे में जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी अनुभाग के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण तय समय के भीतर करे। इसके साथ ही सभी शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट महीने की 25 से 28 तारीख के भीतर उन्हें दे। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि जो अनुभाग तय समय पर शिकायत का निस्तारण नहीं करेंगे, उस शिकायत को डिफॉल्टर मानते हुए उन अनुभाग के संबंधित अधिकारी व बाबू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।