जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने शहर वासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। मंगलवार को जीडीए की बोर्ड बैठक में आवंटियों को बड़ी राहत देने के लिए बनाई गई पहल पोर्टल को मंजूरी दे दी है। इस पोर्टल के शुरू होने से आवंटियों को अब जीडीए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहल पोर्टल पर संपत्ति अनुभाग के म्यूटेशन से लेकर रजिस्ट्री तक के सभी काम ऑनलाइन होंगे। आवंटियों के साथ-साथ किसानों को भी बोर्ड बैठक में बड़ा तोहफा मिला है। गाजियाबाद के पांच गांव के सैकड़ों किसानों की जमीन डीएम सर्किल रेट से चार गुणा अधिक कीमत पर क्रय की जाएगी। जीडीए बोर्ड अध्यक्ष व मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा की मौजूदगी में मंडलायुक्त सभागार में हुई 169वीं बोर्ड बैठक में 23 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, एडीएम हापुड़ संदीप कुमार, गाजियाबाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, चीफ कोआर्डीनेटर प्लानर एनसीआर सेल गाजियाबाद कृष्ण मोहन, यूपीएसआईडीसी के प्रतिनिधि प्रदीप कुमार सत्यार्थी, जीडीए बोर्ड मेंबर पवन गोयल आदि मौजूद रहे।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
मेरठ/गाजियाबाद। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने शहर वासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। मंगलवार को जीडीए की बोर्ड बैठक में आवंटियों को बड़ी राहत देने के लिए बनाई गई पहल पोर्टल को मंजूरी दे दी है। इस पोर्टल के शुरू होने से आवंटियों को अब जीडीए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहल पोर्टल पर संपत्ति अनुभाग के म्यूटेशन से लेकर रजिस्ट्री तक के सभी काम ऑनलाइन होंगे। ऐसे में आवंटी घर बैठे ही अपने काम करा सकेगा। आवंटियों के साथ-साथ किसानों को भी बोर्ड बैठक में बड़ा तोहफा मिला है। गाजियाबाद के पांच गांव के सैकड़ों किसानों की जमीन डीएम सर्किल रेट से चार गुणा अधिक कीमत पर क्रय की जाएगी। जीडीए बोर्ड अध्यक्ष व मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा की मौजूदगी में मंडलायुक्त सभागार में हुई 169वीं बोर्ड बैठक में 23 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बोर्ड बैठक को लेकर जानकारी देते हुए जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेरा-खुर्द और नंगला फिरोज मोहनपुर गांव के काश्तकारों की जमीन पुनरीक्षित सर्किल रेट के चार गुना अधिक दर पर खरीदी जाएगी। इससे काश्तकारों को काफी लाभ मिलेगा। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, एडीएम हापुड़ संदीप कुमार, गाजियाबाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, चीफ कोआर्डीनेटर प्लानर एनसीआर सेल गाजियाबाद कृष्ण मोहन, यूपीएसआईडीसी के प्रतिनिधि प्रदीप कुमार सत्यार्थी, जीडीए बोर्ड मेंबर पवन गोयल आदि मौजूद रहे।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 20 वर्ष बाद नई आवासीय योजना लाई जा रही है। विगत 20 वर्षों में जीडीए द्वारा कोई नई योजना नहीं लाई गई। जबकि इन वर्षों में शहर का तेजी से विकास हुआ है तथा इसी अनुपात में आवासीय व व्यावसायिक भूखंडों की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। गाजियाबाद शहर की बढ़ती हुई जनसंख्या के अनुरूप आवासीय भूखण्डों व जनसुविधाओं के साथ-साथ सरकार की अपेक्षाओं के अनुसार सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध कराने के दृष्टिगत नई आवासीय योजना विकसित किये जाने की प्लानिंग की गई है। हरनंदीपुरम योजना जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह योजना हाईटेक और सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। योजना की हर छोटी बड़ी पहलुओं पर जीडीए उपाध्यक्ष ने बारीकी से काम किया है। जीडीए बोर्ड की सहमति के बाद योजना तेजी से परवान चढ़ेगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित नई योजना हरनन्दीपुरम में 501.2173 हेक्टेयर भूमि क्रय की जाएगी। मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा, मोरटा की भूमि आपसी सहमति से क्रय की जाएगी। इस योजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ा खुर्द, नंगला फिरोज मोहनपुर एवं दूसरे चरण में भोवापुर, शाहपुर और निज मोरटा को शामिल किया जाएगा।
बोर्ड बैठक में मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों को भी राहत भरी खबर मिली। इस योजना से प्रभावित किसानों को 15 साल बाद भूखंड मिलेगा। इसमें 800 एकड़ और 281 एकड़ जमीन देने वाले 1063 किसान शामिल हैं। साथ ही इस योजना में श्मशान घाट के पास 13 साल पूर्व जिन लोगों को करीब 373 भूखंड आवंटित किए थे, जिन्हें अब दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए संशोधित लेआउट को जीडीए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। 800 एकड़ में जिन किसानों की जमीन ली गई है उन्हें छह फीसदी विकसित भूखंड मिलेगा। जबकि 281 एकड़ वाले 301 किसानों को कोर्ट के आदेश के बाद 20 फीसदी विकसित भूखंड दिया जाएगा। बैठक में गाजियाबाद महायोजना 2031 पर मुहर लग गई। नए मास्टर प्लान की सभी त्रुटियां प्राधिकरण ने दूर करते हुए उनका निस्तारण कर दिया। अब ये ड्राफ्ट शासन को भेजा जाएगा। जहां से लागू करने की मंजूरी मिलेगी। बोर्ड की सहमति के मुताबिक इंदिरापुरम के आवंटियों से मुआवजे की भरपाई के लिए 349 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। बोर्ड बैठक में सदस्य पवन गोयल ने हरनंदीपुरम योजना में पत्रकारपुरम के नाम से एक सेक्टर को योजना मे शामिल करने की पेशकश की जिससे पत्रकारों के हितों को ध्यान रखा जा सके, जिस पर प्राधिकरण बोर्ड द्वारा पत्रकारपुरम को योजना में शामिल किये जाने पर सहमति दी।
बोर्ड बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
• प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट के माध्यम से कार्मिकों की सेवा लिए जाने
• जिप्सी अनुउपयोगी के स्थान पर एक कार क्रय करने का प्रस्ताव
• कौशांबी में भूखंड का कब्जा विलंब से दिए जाने के कारण आवंटी को जमा 18 करोड़ रुपये वापसी देना
• क्रॉसिंग रिपब्लिक के जीएच-12 के ग्रुप हाउसिंग भूखंड को छोटे भूखंड का लेआउट पास किया गया
• कास्ट इंडेक्स के आधार पर पुनरीक्षित दरों पर बोर्ड का अनुमोदन
• राजनगर एक्सटेंशन की जोनल प्लान की सड़कों पर नक्शा पास किए जाने की स्वीकृति मिली
• मंडोला में 29660 हेक्टेयर कृषि से मध्यम उद्योग भू उपयोग परिवर्तन करना
• मोहिउद्दीनपुर में 13337.00 वर्ग मीटर के कृषि से संस्थागत में भू उपयोग परिवर्तन
• मोरटा में 1.5750 हेक्टेयर भूमि का भू उपयोग आवासीय करना
पहल पोर्टल का शुभारंभ: डिजिटलीकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से पहल (पब्लिक एक्सेस फॉर हाउसिंग एंड प्रोपर्टी अलॉटमेंट लॉगिन) नामक पोर्टल लॉन्च करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। यह पोर्टल प्राधिकरण की 1.5 लाख से अधिक संपत्ति आवंटियों के लिए वरदान साबित होगा। अब नामांतरण, किश्त भुगतान, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट, मॉर्टगेज अनुमति, रजिस्ट्री स्लॉट बुकिंग, आवंटन पत्र डाउनलोड आदि सभी कार्य घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से किए जा सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से लेजर रिपोर्ट देखना, बकाया भुगतान, दस्तावेज सुधार और संपत्ति से जुड़े सभी कार्य अत्यंत पारदर्शी एवं त्वरित तरीके से होंगे। पूर्व की मैनुअल प्रक्रिया की तुलना में अब ये सेवाएं सेकेंडों में उपलब्ध होंगी।

















