स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण पर जीडीए सख्त

निर्माण कर्ताओं से शमन शुल्क की होगी वसूली

गाजियाबाद। अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए का सख्त रूख कायम है। जीडीए अब स्वीकृत मानचित्र से अधिक पर निर्माण किए जाने पर भी गंभीर है। इसके मद्देनजर बिल्डरों और अन्य निर्माण कर्ताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है। संबंधित से शमन शुल्क की वसूली भी की जाएगी। इसी क्रम में जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने शनिवार को प्रवर्तन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।

जीडीए सभागार में अपर सचिव सीपी त्रिपाठी एवं ओएसडी नोडल अधिकारी प्रवर्तन सुशील कुमार चौबे ने तहसीलदार दुर्गेश सिंह समेत सभी 8 जोन के प्रवर्तन प्रभारी,सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता के साथ समीक्षा बैठक की। अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने सभी प्रवर्तन प्रभारियों को निर्देश दिए कि अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाए। वहीं,नक्शे से अधिक निर्माण करने वालों से सख्ती से शमन शुल्क की वसूली की जाए। अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई,शमन शुल्क एवं ध्वस्त करने के लिए संपूर्णता प्रमाण पत्र,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराने आदि की समीक्षा की गई।

बैठक में जीडीए की आय बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक शमन शुल्क के लिए आवेदन जमा कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, शमन सीमा से अतिरिक्त स्थल पर निर्माण अनुमन्य नहीं किए जाने के भी निर्देश दिए गए। जीडीए ओएसडी एवं नोडल अधिकारी प्रवर्तन सुशील कुमार चौबे ने सभी प्रवर्तन प्रभारियों एवं सहायक अभियंता को निर्देश दिए कि शमन शुल्क वसूली में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीडीए की जुलाई में जहां शमन शुल्क से 2 करोड़ रुपए की आय हुई थी। वहीं,अगस्त में 7 करोड़ रुपए आय हुई।जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी 8 जोन में चालू अवैध निर्माण को चिन्हित करने के लिए टीमों का गठन किया जाए। वहीं,इसकी एक सफ्ताह में रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए। शहर में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।