कांग्रेस, भाजपा और बसपा छोड़कर युवा लोकदल में हुए शामिल

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे हैं तो नेता अपने सियासी भविष्य के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशने में जुट गए। ऐसे में आयाराम और गयाराम का दौर भी तेजी से शुरू हो गया है। सूबे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सत्तासीन है, लेकिन दल बदल करने वाले युवाओं की पहली पसंद अब राष्ट्रीय लोकदल पार्टी बनती जा रही है। गुरूवार को मेरठ तिराहा स्थित रालोद कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, भाजपा और बसपा छोड़कर आए कई युवाओं ने रालोद का दामन थामकर पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी के नेतृत्व में आस्था जताई। जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह प्रमुख ने कहा कि जयंत चौधरी के अध्यक्ष बनने से युवाओं में जोश है। युवा दूसरी पार्टियां छोड़कर रालोद का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी के पार्टी अध्यक्ष बनने से युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। रालोद के राष्ट्रीय सचिव चौधरी तेजपाल सिंह ने कहा कि आज का युवा स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह और नवनियुत अध्यक्ष जयंत चौधरी की नीतियों से प्रभावित है। इस दौरान रालोद में शामिल हुए युवाओं ने अगामी होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को ज्यादा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीताने की शपथ ली। बैठक के दौरान कांग्रेस सेवादल मुरादनगर के महासचिव इस्माइल भारती, रहीसुद्दीन, बसपा छोड़कर आए फरकान सैफी, नाजिम अल्वी, मुरादनगर से आशु पठान, शिवम कुमार, सुशील कुमार, शहजाद, सौरभ पंडित, मोहम्मद शाहरूख, भाजपा छोड़कर आए निखिल चौधरी, अमित कुमार, सुशांत, गौरव चौधरी, भाजपा छोड़कर आए दीपक तेवतिया, हाजी अयूब, जाकिर अब्बास आदि ने रालोद का दामन थाम लिया। इस दौरान राष्ट्रीय सचिव तेजपाल सिंह, प्रदेश महासचिव अमरजीत सिंह बिड्डी, प्रवक्ता अजयवीर सिंह एडवोकेट, भूपेंद्र डबास, डॉ अजय चौधरी, प्रदीप मुखिया, शेर सिंह मौर्य, विनित चौधरी व असलम भाई समेत बड़ी संख्या में रालोद कार्यकर्ता मौजूद रहे।