-मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आई 25 शिकायतें, सभी निस्तारित
गाजियाबाद। अपनी समस्या को लेकर हर दिन सैकड़ों लोग नगर निगम के चक्कर काटने को मजबूर होते है। कुछ की समस्या का समाधान अधिकारियों द्वारा मौके पर करा दिया जाता है तो कुछ अगले दिन फिर नगर निगम पहुंच जाते है। मगर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के प्रयासों से हर समस्या का निस्तारण हो रहा है। लोगों को अपनी समस्या को लेकर नगर निगम के चक्कर न काटने पड़े इसके लिए नगर निगम में संभव विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम की शुरुआत से हर समस्या का निस्ताण हो रहा है। नगर आयुक्त के कार्यों की लोग भरी-भूरी प्रशंसा भी कर रहे है। जिस समस्या के निदान के लिए लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता था, उस समस्या का निस्तारण अब एक सप्ताह में ही हो रहा है।

मंगलवार को नगर निगम सभागार में आयोजित संभव विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में 25 संदर्भ प्राप्त हुए। जिनमें 18 मांग पत्र तथा 7 शिकायतें प्राप्त हुई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव तथा अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव एवं जलकल विभाग जीएम आंनद त्रिपाठी की उपस्थिति में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित संभव जनसुनवाई में अधिकारियों द्वारा मौके पर संबंधित विभाग के बाबू को बुलाकर कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी गई और प्राप्त समस्याओं पर चर्चा कर समाधान तत्काल शिकायतकर्ता को दिए गए। प्रकाश संबंधित शिकायतों पर तत्काल निस्तारण कराए गए, नेहरू नगर सेकंड के शिकायतकर्ता गजेंद्र की पुरानी पीएफ संबंधित शिकायत का निस्तारण कराया गया, सफाई कर्मचारी अजय निवासी पटेल मार्ग बाल्मीकि कॉलोनी की समस्या का निस्तारण कराया गया। इसी प्रकार उद्यान संबंधित शिकायत का भी तत्काल निस्तारण कराया गया। इसके अलावा जो शिकायतें तत्काल प्रभाव से निस्तारित हो सकती थी, उनको संबंधित से संबंधित कराई गई। बाकी प्राप्त मांगों पर अधिकारियों ने समन्वय कर कार्यवाही करने के लिए बाबू को आदेशित किया।
अधिकांश शिकायतें जलकल विभाग से संबंधित रही। जलकल विभाग की 5 शिकायतें, निर्माण विभाग की 7 शिकायते, उद्यान विभाग की एक शिकायत तथा अन्य विभागों से संबंधित संदर्भ प्राप्त हुए। अधिकारियों ने संभव जन सुनवाई शुरू करने से पहले पुरानी कार्यवाही रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में निर्माण विभाग से देशराज अधिशासी अभियंता, महाप्रबंधक जल आनंद त्रिपाठी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ संजीव सिन्हा, तथा अन्य संबंधित लिपिक तथा जोनल प्रभारी भी उपस्थित रहे।















