हिंदी जैसी सरलता और सहजता किसी अन्य भाषा में नहीं: अमिताभ सुकुल

-भागीरथ पब्लिक स्कूल में हिंदी सप्ताह समारोह का शुभारंभ

गाजियाबाद। हिंदी दिवस के अवसर पर संजय नगर स्थित भागीरथ पब्लिक स्कूल के प्रांगण में सोमवार को हिंदी सप्ताह समारोह का शुभारंभ बड़े ही उत्साह के साथ किया गया। विद्यालय द्वारा वर्ष 2022 का हिंदी दिवस कार्यक्रम गाजियाबाद की शान रहे कवि शिरोमणि डॉ कुँअर बहादुर सक्सेना उर्फ कुँअर बेचैन को समर्पित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात कवि एवं मेवाड़ विश्वविद्यालय के सहायक निदेशक चेतन आनंद ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा एक सुन्दर गीत गाकर की गई। जिसके बोल थे आशाएं। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने कुँअर बेचैन जी की विख्यात रचनाओं को बारी-बारी से प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और हिंदी भाषा की गहराई, गूढ़ता और विशालता पर छात्र-छात्राओं द्वारा विचार विमर्श रखे गए। इसके अतिरिक्त विधालय के छात्र-छात्राओं ने स्वरचित कविताओं की भी प्रस्तुति की।

विद्यालय के निदेशक एवं प्रबंधक अमिताभ सुकुल एवं अनादि सुकुल द्वारा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर मुख्य अतिथि का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि चेतन आनंद ने कहा कि भागीरथ पब्लिक स्कूल हिमालय की तरह है। जिसमें से विद्यार्थी भगीरथी बनकर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। विद्यार्थी और शिक्षक रूपी नदियाँ भागीरथ जैसे हिमालय में ही सुरक्षित हैं।

स्कूल के निदेशक अमिताभ सुकुल ने हिंदी की महानता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी जैसा विशाल शब्द कोष, सरलता और सरसता किसी और भाषा मे नहीं मिलती। हिंदी हमारी मातृ भाषा है लेकिन समाज ये भूलता जा रहा है। हिंदी को उसका उचित सम्मान दिलाने की जि़म्मेदारी अब आज की पीढ़ी पर आ गयी है और उम्मीद है की युवा वर्ग इस जिम्मेदारी को निभाएगा। इस अवसर पर 11वीं के छात्र निशांत ने कुंवर बेचैन की स्वनिर्मित स्केच मुख्य अतिथि को भेंट की। निशांत द्वारा ये स्केच मुख्य अथिति के सामने कैम्पस में बैठ कर मात्र एक घंटे में तैयार की गई।