अब हर ग्राहक बनेगा आबकारी विभाग का मुखबिर, आबकारी विभाग की चेतावनी से विक्रेताओं में हड़कंप

-शराब की दुकानों पर मचा बवाल, ओवर रेटिंग पर एक्शन मोड में आबकारी विभाग, गुप्त ग्राहकों की तैनाती से खुली दुकानदारों की पोल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में अवैध शराब के कारोबार और ओवर रेटिंग पर लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। एक ओर विभाग की टीमें अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं, तो दूसरी ओर कुछ शराब विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों की जेब काटने से बाज नहीं आ रहे हैं। जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल करते हुए विभाग की टीमें न केवल अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर शिकंजा कस रही हैं, बल्कि अब शराब दुकानों पर ग्राहकों से होने वाली अवैध वसूली को भी निशाने पर ले लिया गया है। आबकारी विभाग ने शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग रोकने के लिए अब ग्राहकों को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। विभाग की नई रणनीति के तहत दुकानों से शराब खरीदने वाले हर ग्राहक से खरीद की दर पूछी जा रही है। गुप्त टेस्ट परचेजिंग और आम ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब हर ग्राहक विभाग का ‘गुप्त सैनिक’ है, और उसकी शिकायत सीधे एक्शन में बदलेगी।

नई आबकारी नीति के तहत जिले में शराब की दुकानों को खुले अभी मात्र पंद्रह दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही कई दुकानों पर नए विक्रेताओं द्वारा नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जाने लगी हैं। ओवर रेटिंग का यह खेल 5-10 रुपये की मामूली अतिरिक्त वसूली से शुरू होता है, जो दिन भर में हजारों रुपये तक पहुँच जाता है। यह न केवल विभाग की साख पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि विक्रेताओं की मनमानी को भी उजागर करता है। आबकारी विभाग ने इस पर लगाम कसने के लिए एक खास रणनीति अपनाई है। विभाग अब गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग के जरिए विक्रेताओं की कार्यप्रणाली की जांच कर रहा है, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। हाल ही में विजय नगर क्षेत्र में आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा की अगुवाई में की गई जांच में इसका खुलासा हुआ।

शिवपुरी द्वितीय स्थित एक देशी शराब की दुकान पर गुप्त ग्राहक के रूप में भेजे गए व्यक्ति से शराब के निर्धारित मूल्य 75 रुपये के बजाय 80 रुपये वसूले गए। जब ग्राहक बाहर आया तो आबकारी टीम ने उससे जानकारी ली और तुरंत दुकान पर पहुँचकर विक्रेता से पूछताछ की। पहले तो विक्रेता हैरान रह गया, लेकिन बाद में उसने अतिरिक्त पैसे वसूलने की बात स्वीकार करते हुए माफी माँगी। आबकारी टीम ने अन्य ग्राहकों से भी पूछताछ की, जिससे यह साबित हो गया कि उक्त विक्रेता नियमित रूप से सभी ग्राहकों से अवैध वसूली कर रहा था। इस पर विभाग ने बिना देर किए लाइसेंसी लोकेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में पूरे जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

ओवर रेटिंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। यह पहली बार नहीं है जब आबकारी विभाग ने इस प्रकार की कार्रवाई की है। पूर्व में भी अधिकारी खुद ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुँच चुके हैं। विभाग की यह मुहिम जिले के शराब व्यापारियों में खौफ पैदा कर रही है और यह संदेश दे रही है कि नियम तोडऩे वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि जनपद में शराब की दुकानों पर ग्राहकों से एक रुपये की भी अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने ओवर रेटिंग करने वाले विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब हर ग्राहक हमारी टीम का हिस्सा है, जो भी शिकायत करेगा, उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। विभाग की छवि और जनता के विश्वास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।