गाजियाबाद। जनपद में वायु प्रदूूषण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने को कहा गया है। जिले में वायु की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा है कि कच्चे रास्तों एवं टूटी सडक़ों को चिन्हित कर पक्के रोड का कार्य किया जाए। रोड पेवमेंट पर घास/टाइल्स लगाए जाएं। अवैध रूप से निस्तारित/भंडारित घरेलू ठोस अपशिष्ट/कूड़ा करकट का चिन्हीकरण एवं दोषी नागरिकों/इकाइयों के विरूद्ध आर्थिक दंड/जुर्माना लगाया जाए। घरेलू ठोस अपशिष्ट/कूड़ा करकट को जलाने के संबंध मे दोषी व्यक्तियों का चिन्हिकरण कर आर्थिक जुर्माना लगाया जाए। सड़कों पर धूल के नियंत्रण के लिए रोड स्वीपिंग एवं वाटर स्प्रिंकलिंग का कार्य कराया जाए। कृषि अपशिष्ट को जलाने से जनित वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा दोषी के विरूद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जाए। जनपद में 10-15 साल पुराने वाहनों को एनसीआर से बाहर करने करने, नियमित रूप से अभियान चलाकर वाहनों की चैकिंग करने, ध्वनि/वायु प्रदूषण में लिप्त वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित कराने की कार्रवाई की जाए। वायु प्रदूषणकारी उद्योगों का नियमित निरीक्षण, ईंट भट्टों का सघन निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कोरोनाकाल में मरीजों के लिए सहायक होगे वेंटिलेटर
कोविड-19 (कोरोना वायरस) से संक्रमित मरीजों के बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन को उद्यमियों की तरफ से हरसंभव मदद मिल रही है। सी.एस.आर. फंड के तहत उद्यमी निरंतर चिकित्सा संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। इसी कड़ी में अब मै. टाटा स्टील बी.एस.एल. लि. साहिबाबाद द्वारा एच.एफ.एन.सी. वेंटिलेटर उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने इस प्रशंसनीय कार्य के लिए टाटा स्टील बीएसएल लिमिटेड साहिबाबाद को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया। उन्होंने अन्य संस्थाओं से आहवान करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते इसमें आमजन से लेकर अन्य उद्यमी भी अपना योगदान दें। ताकि
















