गाजियाबाद। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता सुरेश बंसल (80) का कोविड-19 के संक्रमण के चलते शनिवार सुबह यशोदा सुपर स्पेशलिटी कौशांबी में निधन हो गया है। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। 13 जनवरी को कोविड-19 के संक्रमण के चलते और सांस की ज्यादा तकलीफ होने के कारण उन्हें यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में भर्ती कराया गया था। उनके शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढऩे की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर ले लिया गया था। जांच में पता चला था की उन्हें हृदयाघात भी हुआ था। 26 जनवरी को उनकी कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आ गयी थी, किन्तु कोमॉर्बिडिटी, ह्रदय रोग, किडनी रोग साथ में होने की वजह से उनको सांस की गंभीर समस्या रही और वह वेंटीलेटर से बाहर न आ सकें। कौशांबी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुज अग्रवाल ने इसकी पुष्ठि की है। उनके निधन पर गाजियाबाद में शोक की लहर दौड़ गई। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने पूर्व विधायक सुरेश बंसल के निधन पर अपना शोक प्रकट किया। अंतिम संस्कार गढ़ गंगा के किनारे किया गया। अंतिम संस्कार के समय विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कई संगठन व विभिन्न समाज से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। विशंभर सहाय के बेटे सुरेश बंसल ने गाजियाबाद शहर में बसपा को स्थापित किया।
वर्ष 2012 में भाजपा उम्मीदवार अतुल गर्ग को हराकर सुरेश बंसल पहली बार गाजियाबाद शहर सीट से विधायक बने थे। इस चुनाव में सुरेश बंसल को 64,485 एवं उनके प्रतिद्वंद्वी अतुल गर्ग को 52,364 वोट ही मिले थे। जिसके बाद 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में फिर सुरेश बंसल की टक्कर भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग से थी। मगर इस बार भाजपा उम्मीदवार अतुल गर्ग ने हरा दिया था। भाजपा उम्मीदवार अतुल गर्ग को 1,24,201 मत और सुरेश बंसल को 53,696 वोट मिले थे। लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई और ना ही सुरेश बंसल की जन सेवा में कोई कमी देखी गई। गाजियाबाद में चुनिंदा एस्से नेता हुए हैं जिन्हें पार्टी से अलग हटकर हमेशा देखा गया। इस बार भी बसपा से उनका टिकट कम्फर्म हो चुका था। मगर नामाकंन से कुछ दिन पूर्व ही उनकी तबियत खराब हो गई थी। कोरोना की पुष्टिï होते ही उन्हें कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉ अर्जुन खन्ना, डॉ अंकित सिन्हा ने बताया कि सुरेश बंसल के शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढऩे की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर ले लिया गया था। उनको हर्ट अटैक भी हुआ था। गाजियाबाद शहर सीट से विधायक निर्वाचित होने से पहले वह दादरी म्युनिसिपल बोर्ड के चेयरमैन भी थे। पेशे से कारोबारी सुरेश बंसल ने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू किया था। वे कांग्रेस की ओर से दादरी म्यूनिसिपल बोर्ड के चेयरमैन निर्वाचित हुए थे। बाद में वह गाजियाबाद शहर आ गए। हालांकि उन्हें लोगों का जबर्दस्त समर्थन मिला। लाइनपार क्षेत्र में उन्हें भारी वोट मिले थे। 2019 लोकसभा चुनाव में भी बसपा ने गाजियाबाद सीट से सुरेश बंसल को अपना प्रत्याश बनाया लेकिन वह भाजपा प्रत्याशी वीके सिंह से हार गए। राजनीतिक गलियारों में कहा जाता है कि शहर सीट में अगर भाजपा को कोई टक्कर दे सकता था तो वह सिफ सुरेश बंसल ही थे। उनके निधन से शहर गमगीन है।
भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग, कांग्रेस प्रत्याशी सुशांत गोयल, सपा प्रत्याशी विशाल वर्मा ने पूर्व विधायक सुरेश बंसल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक अच्छे वक्ता, व्यवहार कुशल और मृदुभाषी थे। वे हमारे प्रेरणा स्रोत थे। जब कभी भी हम मिलते थे तो बड़े ही आदरभाव व विनम्र तरीके से बात होती थीं। सुरेश बंसल कुशल राजनीतिक थे। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत आद्यात पहुंचा है। उनकी आत्मा की शांति की कामना करता हूं और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में लेने के लिए भगवान से प्रार्थना करता हूं। साथ ही उनके परिवार को भगवान से शक्ति प्रदान करने की दुआ करता हूं।
















