-अच्छा भोजन व दवा उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने ली बैठक
-जागरूकता कार्यक्रम चलाने व स्वैच्छिक संगठनों के साथ रखें तालमेल
गाजियाबाद। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं पर रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने चिंता जताई। जिलाधिकारी ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिया कि मिलावटी सामग्री बेचने वालों से सख्ती से पेश आएं। जिसे भी इसमें लिप्त पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मंगलवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंंह ने अपर जिलाधिकारी नगर शैलेंद्र सिंह, एएसपी डॉ दीक्षा शर्मा, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि इन दोनों ही विभागों को और अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए, इन्हें उपभोक्ता समूहों के साथ तालमेल करना चाहिए। इसके साथ ही दोनों विभाग अपने जनहितैषी कार्यों के प्रचार पर भी ध्यान दें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने और कई निर्देश दोनों विभागों के अधिकारियों को दिए।
फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के वितरण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विकास और पुष्टाहार विभाग के आहार वितरण, बेसिक शिक्षा विभाग की मध्यान्ह भोजन योजना और खाद्य व रसद विभाग की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में केवल फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का वितरण किया जाना चाहिए। दोनों ही विभाग यह सुनिश्चित करें कि सुरक्षित व मानक के हिसाब से खाद्य पदार्थ और अच्छी क्वालिटी की दवाएं हीं उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हों। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निगरानी बढाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य प्रतिष्ठानों की कड़ी निगरानी करे। संदिग्ध खाद्य पदार्थों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कानूनी कार्रवाई भी हो। इसके साथ ही जन जागरूकता कार्यक्रमों का भी नियमित आयोजन हो। इसके लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन रणनीति तैयार हो। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए स्वैच्छिक संगठनों की सहायता ली जा सकती है। इसके लिए सभी खाद्य, औषधि कारोबारियों के पंजीकरण के कार्य से जुड़े विभागों, व्यापार मण्डल व स्वैच्छिक संगठनों को इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्होंने खासतौर पर बार-बार प्रयोग किए जा रहे खाद्य तेलों के जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
















