अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग सतर्क
तीन तस्कर समेत 12 पेटी अवैध शराब बरामद
गाजियाबाद। त्योहार पर मौत के सौदागार गैर राज्य की शराब को डंप करना शुरू करते हैं। वहीं, देहात क्षेत्र में कच्ची शराब की भट्टी दहकने लगती है। इस दीपावली पर भी माफिया बड़ी मात्रा में अवैध और कच्ची शराब को खपाने की तैयारी में है। आबकारी विभाग के अफसरों ने इस पर रोक लगाने को कच्ची शराब बनाने वाले इलाकों में चेकिग व कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। होली हो या दीपावली माफिया कच्ची या अवैध शराब खपाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं। कच्ची शराब के रूप में जहर परोसने वाले मौत के सौदागरों पर पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग शिकंजा नहीं कस सका है। दीपावली पर शराब बिकने के कारण गैर राज्य की प्रतिबंधित सस्ती शराब की खेप को खपाने की तैयारी है। जिला आबकारी अधिकारी ने इसको रोकने के लिए अफसरों को अपना मुखबिर तंत्र मजबूत करने की हिदायत दी है। आबकारी विभाग और पुलिस की सख्ती के बाद कुछ दिन शराब माफिया शांत रहे। लेकिन कुछ इलाकों में चोरी-छिपे अवैध शराब की तस्करी जारी है। अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे आबकारी विभाग ने दीपावली को देखते हुए शनिवार को एक बार फिर अवैध शराब की तस्करी करने वाले दो तस्करों को अवैध शराब समेत गिरफ्तार किया। टीम ने इस बार माफियाओं की धरपकड़ के लिए भी सटीक योजना तैयार की थी, जिसके चलते तस्कर हत्थे चढ गये।
शनिवार तड़के जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय के आदेश पर आबकारी अधिकारी मुबारक अली के निर्देशन में आबकारी इंस्पेक्टर आशीष पाण्डेय एवं विजयनगर थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर तिगरी गोल चक्कर के पास से सन्तोष कुमार पुत्र दिनेश कुमार निवासी शनि मंदिर नई बस्ती, शनि पुत्र गोपीचन्द निवासी संगम विहार नन्दग्राम को हरियाणा मार्का 10 पेटी अवैध शराब एवं घटना में प्रयुक्त ऑटो समेत गिरफ्तार किया गया। आबकारी इंस्पेक्टर आशीष पाण्डेय ने बताया त्योहारों को लेकर आबकारी विभाग शराब माफियाओं पर पूरी तरह नकेल कसे हुए है। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 40 हजार रूपए है। 
वहीं आबकारी इंस्पेक्टर हेमलता रंगनानी ने टीला मोड़ थाना क्षेत्र से चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार तस्कर को दो पेटी अवैध शराब समेत गिरफ्तार किया गया। उन्होने बताया तस्कर विनय पुत्र नारायण प्रसाद निवासी अंबेडकर कॉलोनी के पास से 46 पव्वा अवैध देसी शराब, 44 पव्वे इंपेक्ट अग्रेजी शराब एवं घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद किया गया। क्षेत्र में हो रहे अवैध शराब तस्करी पर रोक के लिए आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अंग्रेजी शराब के नाम पर माफिया बेंच रहे जहर:
माफिया अंग्रेजी शराब की पुरानी बोतलों को कबाड़ की दुकान से खरीदते हैं। इसके बाद उसे उबलते पानी में डालकर कार्क निकाल लते हैं और बोतल में नकली शराब भर देते हैं। कुछ माफिया सरकारी शराब की दुकान पर बिकने वाली बोतलों को लेकर उसमें से आधी शराब निकालकर दूसरी बोतल तैयार कर बेचते हैं। इसमें वह थोड़ी स्प्रिट और पानी के साथ एसेंस मिलाते हैं। वहीं कुछ माफिया अल्कोहल में पानी और एसेंस मिलाकर शराब तैयार करते हैं। इसके साथ ही खाने वाले रंग से शराब तैयार की जाती है। उन्होने बताया कि अंग्रेजी शराब बनाने में इथाइल अल्कोहल का प्रयोग होता है। डिस्टलरी की लैब में उसकी टेङ्क्षस्टग के बाद मानक तय होता है और उसकी तीव्रताआदि कम की जाती है। नकली शराब बनाने में अल्कोहल रिफाइन नहीं होता है। यहशराब आंख, लीवर, मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए शराब की खरीददारी सरकारी दुकानों से ही करें।
मुबारक अली, आबकारी अधिकारी
















