इलेक्शन ड्यूटी से पति पत्नी में किसी एक को मिलेगी छूट, निर्वाचन आयोग ने सरकारी सेवक दंपति को दी राहत

लखनऊ। निर्वाचन आयोग ने इस बार ऐसे दंपतियों को बड़ी राहत दी है, जो सरकारी कर्मचारी होने के साथ इलेक्शन की डयूटी को लेकर टेंशन में चल रहे हैं। दरअसल सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के लिए अब तक चुनावी डयूटी अनिवार्य थी। निर्वाचन आयोग ने अबकी बार इस अनिवार्यता को बदल दिया है। अब दंपति में से किसी एक की डयूटी चुनाव कार्य में लगाई जाएगी। इलेक्शन डयूटी कटवाने को पति या पत्नी दोनों में से कोई भी एक जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रार्थना पत्र दे सकता है।

निर्वाचन आयोग के इस फैसले से बड़ी संख्या में दंपतियों को राहत महसूस हुई है। दरअसल यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं तो विधान सभा चुनाव में दंपति में एक को छूट मिल जाएगी। चुनाव में दोनों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। निर्वाचन आयोग ने इस बावत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दंपति में से कोई एक अपनी ड्यूटी हटाने को प्रार्थना पत्र दे सकता है। प्रार्थना पत्र के आधार पर ड्यूटी काटी जा सकेगी। विधान सभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में सर्वाधिक परेशानी उन दंपति को होती है, जो दोनों सरकारी सेवा में होते हैं।

दोनों की चुनाव में ड्यूटी लगने पर उन्हें दिक्कतें होती है। निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि पति या पत्नी में से किसी एक व्यक्ति को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने का प्रार्थना पत्र जिला निर्वाचन अधिकारी या सहायक निर्वाचन अधिकारी को देना होगा। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पति-पत्नी में से किसी एक की चुनाव ड्यूटी लगाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि यूपी में 7 चरण में विधान सभा चुनाव कराया जाना है। पहले चरण का चुनाव 10 फरवरी को होना है। इसके लिए सरकारी स्तर पर आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव होना है, वहां मतदान कर्मियों की डयूटी फाइनल की जा रही है।