जनता करे गुहार-विधायक जी सुनो पुकार

दादरी ब्लॉक के 18 गाँवों को बिसरख ब्लॉक में जोड़े जाने का विरोध

अनिल तोमर
उदय भूमि ब्यूरो
धौलाना/दादरी।
साठा चौरासी के गांवों का राजनैतिक अस्तित्व मिटाने की साजिश के अन्तर्गत दादरी ब्लॉक के 18 गाँवों को बिसरख ब्लॉक में जोड़े जाने का विरोध अब आंदोलन का रुप लेने लगा है। गांव गांव जनसमर्थन जुटाने और प्रदेश सरकार की  मनमानी के विरोध में ग्रामीणों को लामबंद करते सामाजिक संगठनों की गतिविधियों से यही प्रतीत हो रहा है कि आने वाले समय में सरकार के खिलाफ माहौल बनने में अब देर नहीं लगेगी। शुक्रवार को गांव पटाडी में ठाकुर घनश्याम सिंह सिसोदिया के आवास पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट द्वारा आयोजित बैठक में पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह परमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कर्नल चमन सिंह सिसोदिया ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने जिस तरह दादरी ब्लाक से 18 गांवों को हटाकर बिसरख ब्लाक में जोड़ा गया है। वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की सोची समझी रणनीति का परिणाम है। यह जानबूझ कर किया गया एक गलत परिसीमन हैं। जिसके माध्यम से राजपूत समाज को कमजोर कर क्षेत्र में से राजपूतों की राजनीतिक पहचान को समाप्त करने का प्रयास है।
कर्नल चमन सिंह सिसोदिया ने कहा कि जब तक यह परिसीमन वापस नहीं लिया जाता तब तक सभी ग्रामवासी इसका  पुरजोर विरोध करते रहेंगे। उन्होंने दादरी विधायक तेजपाल नागर पर क्षत्रिय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया। इस दौरान कैप्टन प्रमोद कुमार सिसोदिया, चंद्रपाल सिंह, ओम दत्त शर्मा, उदयराज सिंह, सुरेंद्र शर्मा फौजी, वीर पाल सिंह एडवोकेट, अतुल शर्मा, लाल सिंह, मुकेश राणा सुधीर राणा, रंजीत सिंह, मुकेश सिंह, मुनेश राणा, छोटू चौहान, राम अवतार तोमर, मनोज सिंह, प्रवीण चौहान, ओमवीर शर्मा, प्रदीप सिंह सिसौदिया, शनि राणा, दया चंद शर्मा, शिवम राणा, प्रवीण चौहान, अजेश शर्मा इत्यादि उपस्थिति रहे। उधर सामाजिक संगठन साठा चौरासी परिवार के संरक्षक सवेन्द्र सिंह उर्फ बबली ठेकेदार ने कहा कि सरकार के जनप्रतिनिधि ने प्रदेश कैबिनेट को कर्मों अवगत नहीं कराया कि दादरी का अपना राजनैतिक वजूद है। दादरी से अलग होकर ग्रेटर नोएडा अलग बस चुका है। हमारी आज दादरी विधानसभा ,दादरी तहसील , दादरी ब्लॉक के अस्तित्व के साथ गौमबुद्ध नगर की पहचान है। फिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई। जो दादरी के अस्तित्व को उसे  घटाया जा रहा है। 6 ग्राम पंचायतों के ब्लॉक बिसरख को दादरी में ही मर्ज कर  देना चाहिए। मात्र चंद किलोमीटर की दूरी पर यातायात की व्यवस्था से परिपूर्ण इन ग्राम पंचायतों का यहां दादरी ब्लॉक में आवागमन सुगम रहता है। दादरी ब्लाक से 18 गांवो को हटाकर बिसरख ब्लाक से जोडऩे की प्रक्रिया अपनाया जाना सरकार की मंशा के खिलाफ है। पूर्व प्रधान हरेन्द्र सिसौदिया  सालारपुर ने कहा कि जब सरकार जनता के दरवाजे तक सुविधाओं को लाने के लिए कटिबद्ध है तो यह सब क्यो  किया जा रहा है? जब दादरी ब्लाक में सभी गांवों का आवागमन सुलभ है। और सभी ग्रामवासी इस बात से संतुष्ट हैं। बिसरख में कौन सी विशेष सुविधाएं हैं जो इन 18 गांवों के ग्रामीणों को दी जाएगी? सिवाय दिक्कत के।
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विधायक से गुहार
जनपद की सीमा से सटे खगौडा, ऊंचा अमीरपुर, ततारपुर,सीदीपुर,चौना, प्यावली ,जैतवारपुर, रसूलपुर , सलारपुर,पटाडी,बिसहाडा,नरोली गांवों के लोगों ने गांव को बिसरख से जोडऩा औचित्यहीन  बताया। इससे इन गांवों का राजनैतिक अस्तित्व क्षीर्ण करना ,इन्हें मानसिक रुप से गुलाम बनाना है। अब उन्हें पास के दादरी ब्लॉक से  हटाकर 40 किलोमीटर की दूरी वाले ब्लॉक में जोडऩा कहां का औचित्य पूर्ण कदम है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने एक स्वर में जनप्रतिनिधि विधायक तेजपाल नागर से गुहार लगाई है कि आप  सरकार  को बोलों ,उसकी आंखे खोलो और ग्रामीणों की समस्याओं को उनके समक्ष रखो और बताओ कि जनता जो कैबिनेट में बिठाना जानती है, वहां से सदा के लिए पहुंचने के रास्ते बंद करना भी जानती है। इस दौरान प्यावली, रसूलपुर,पटाडी, बिसहाडा, सीधीपुर ,ततारपुर , ऊंचा अमीरपुर ,खगोंडा, चौना, रानोली लतीफपुर, जैतवारपुर, सालारपुर आदि गांवों से भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।