ब्लैक बॉक्स में मिली शिकायत तो जिलाधिकारी ने कसा शिंकजा

 

लापरवाही बरतनेे पर लेखपाल, कानूनगो एवं तहसीलदार के विरूद्ध दोष निर्धारण रिपोर्ट तलब

गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट परिसर में लगे ब्लैक बॉक्स में प्राप्त शिकायत पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की है। इस बार शिकायत काश्तकारों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम राजस्व अभिलेखों में न चढने के संबंध में मिली थी। 4 मजस्ट्रिेट ने इस प्रकरण की जांच कराई गई। डीएम ने अब कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायत कर्ता ने प्रार्थना पत्र में बताया था कि जनपद गाजियाबाद के विभिन्न गांवों में मृत व्यक्तियों के वारिसों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। नियमानुसार काश्तकार की मृत्यु होने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल उसके वारिसों के नाम एवं पते की जानकारी प्राप्त कर सरकारी अभिलेखों में दर्ज करता है। इसके लिए समय-सीमा भी निर्धारित होती है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने इस शिकायत की जांच अपर नगर मजिस्टे्रट (प्रथम)/(द्वितीय), तहसीलदार (न्यायिक) एवं तहसीलदार गाजियाबाद को सौंपी। इन 4 अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक मोदीनगर तहसील के ग्राम सीकरी खुर्द, फफराना, सैदपुर हुसैनपुर, लतीफपुर तिबड़ा, बखरवा विद्यापुर, अमीरपुर बडायला, अतरौली, खंजरपुर, खौराजपुर विहंग, धेदा, बडका आरिफपुर, मुरादग्रामपुर पुर्सी व सीकरी कलां, सदर तहसील के ग्राम कनौजा, डिडवारी व मसौता तथा लोनी तहसील के शरीफाबाद राजपुर, शकरपुला हकीकतपुर उर्फ खुदाबांस, बंथला, असालतनगर-फर्रूखनगर, मुर्तजाबाद भूपखेड़ी, औरंगाबाद रिस्तल व चिरौड़ी में 35 प्रकरण ऐसे प्रकाश में आए हंै, जहां मृतकों के स्थान पर उनके वारिसों के नाम विरासत के रूप में एक माह बीत जाने के बाद भी दर्ज नहीं कराए गए हैं। डीएम ने एडीएम (प्रशासन) को इस प्रकरण में लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की जांच एवं स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट एक माह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हंै। साथ क्षेत्रीय लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार के विरूद्ध दोष निर्धारण कर रिपोर्ट तलब की है।