गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
गाजिय़ाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने शनिवार को 7 नवम्बर 1966 के गौरक्षक बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ऑनलाइन एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि 7 नवम्बर 1966 को संसद भवन पर स्वामी करपात्री जी,आर्य नेता रामगोपाल शालवाले,प्रो रामसिंह,शंकराचार्य निरंजन देव तीर्थ के नेतृत्व में गौ रक्षा हेतु आंदोलन किया गया था। जिसमें हजारों लोग गोलियों से भून दिये गए थे। इसी स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने केन्द्र सरकार से मांग की कानून बनाकर गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाया जाए। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि गौ वंश की रक्षा के लिए प्लास्टिक सड़कों पर न फेंके। विनोद बंसल ने कहा कि गौ रक्षा एवं गौ-संवर्द्धन आज देश की धार्मिक,सामजिक, आर्थिक,व्यवहारिक अनिवार्य आवश्यकता है।गौ सनातन संस्कृति का स्तम्भ हैं और आज इनकी स्थिति दयनीय हो गई है। सब सुखों को देने वाली हमारी गौ माता की हत्या कर दी जाती है। गौ पालन,गौ सेवा मानवीय सद्गुणों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आर्य नेता ओम सपरा,आनन्द प्रकाश आर्य,विमलेश बंसल ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोमनाथ पुरी ने की। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ आरके आर्य, सत्यभूषण आर्य, देवेन्द्र गुप्ता,राजश्री यादव,प्रकाशवीर शास्त्री, सुरेश आर्य,यज्ञवीर चौहान,सुरेन्द्र शास्त्री आदि उपस्थित थे।
















