समीक्षा बैठक में अवैध शराब और ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाई का निर्देश: आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह का अल्टीमेट संदेश

  • आबकारी आयुक्त ने समीक्षा बैठक में अवैध शराब रोकथाम और त्योहारों को लेकर जारी किया कड़ा अलर्ट  
  • अवैध शराब और तस्करी पर नकेल, बाहरी राज्यों से आने वाली शराब पर विशेष निगरानी
  • प्रत्येक इंस्पेक्टर को अपने क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने और निर्णायक नीति बनाने के दिए निर्देश
  • दुकानों पर अन्य स्टॉक पाए जाने पर अनुज्ञापन निरस्तीकरण और कड़ी कार्रवाई 

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय सूरजपुर में शुक्रवार को आयोजित व्यापक समीक्षा बैठक में आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अवैध शराब और तस्करी के मामलों पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में संयुक्त मेरठ जोन आबकारी आयुक्त दिलीपमणि त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव, आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, संजय चन्द्र, अभिनव शाही और हेमलता रंगनानी समेत सभी निरीक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों और बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में अवैध शराब की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखना और आम जनता के हितों को सुरक्षित करना था। डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में न केवल अवैध शराब की रोकथाम पर ध्यान देना होगा, बल्कि जागरूकता अभियान चलाकर जनता को इस सामाजिक बुराई के दुष्प्रभावों से अवगत कराना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी राज्यों से हो रही शराब तस्करी पर निर्णायक नीति बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी वाहन में अवैध शराब पकड़ी गई और वह घटना जिले की सीमाओं से बाहर हुई, तो भी संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह और संयुक्त आबकारी आयुक्त दिलीपमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और निरीक्षकों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और जांच को और सख्त करें। डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि त्योहार और चुनाव के समय अवैध शराब पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी इंस्पेक्टर अपने क्षेत्र में पॉश मशीन और डिजिटल पेमेंट की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर मदिरा बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए अपमिश्रण जैसी कुरीतियों पर नजर रखी जाए।

उपस्थित संयुक्त आबकारी आयुक्त दिलीपमणि त्रिपाठी ने भी कहा कि जो कदम यहाँ प्रारम्भ किए गए हैं, वे अन्य जनपदों के लिए भी मिसाल बन सकते हैं। उनके मार्गदर्शन में जिले ने जिस तेजी व जिम्मेदारी के साथ कार्यवाही आरम्भ की है, वह प्रशंसनीय है। जिले में किसी भी तरह की नियमावली की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फुटकर और थोक अनुज्ञापनों पर नियमित निगरानी, स्टॉक की समय पर जांच, एमजीक्यू का पालन और ओवर-रेटिंग रोकने के लिए गोपनीय तरीके से टेस्ट परचेज करना अनिवार्य है। किसी भी दुकान पर अन्य प्रांत की मदिरा पाए जाने पर अनुज्ञापन निरस्त करने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों का व्यापक असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। त्योहारों के दौरान आबकारी के चेकपॉइंट्स पर निकासी और सत्यापन के रूटीन ने अवैध आवाजाही को घटाया है और संभावित तस्करी मार्गों पर दबाव बढ़ा दिया है।

वहीं, बाजारों और आयोजनों में निरीक्षण के लिए गठित दलों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्थान पर ऐसी गतिविधि न सुगम हो सके। आबकारी विभाग द्वारा दिखायी गयी यह तत्परता और समन्वय न केवल एक कार्रवाई है, बल्कि समुदाय को यह भरोसा भी देती है कि शासन-प्रशासन उनके जीवन एवं स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को प्रतिबद्ध है। अगले कुछ सप्ताह में विभाग द्वारा चलाए जा रहे सतत अभियानों, गोपनीय जाँच और जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम सकारात्मक दिखाई देने लगे तो यह कहना गलत नहीं होगा कि गौतमबुद्ध नगर ने अवैध शराब रोधी संग्राम में ठोस सफलता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा लिया है। नागरिकों के सहयोग और प्रशासनिक संकल्प से यह लड़ाई विजयी होगी और जिले की टीम ने उसी विजयी राह का प्रारम्भ कर दिया है।

पॉश मशीन और डिजिटल लेनदेन अनिवार्य
बैठक में आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिया कि समस्त फुटकर अनुज्ञापनों पर पॉश मशीन के माध्यम से सौ प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित कराई जाए। थोक अनुज्ञापनों, बीआईओ, बॉन्ड और बार अनुज्ञापनों पर आने वाली मदिरा का स्टॉक इन करके पॉश के माध्यम से न बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नकदी लेनदेन और ओवर रेटिंग जैसी अनियमितताओं को समाप्त करना है। आयुक्त ने डिजिटल भुगतान को अनिवार्य करते हुए कहा कि सभी दुकानों में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे लेनदेन पारदर्शी हो और निरीक्षण आसान हो।

एमजीक्यू और स्टॉक नियंत्रण पर सख्त नियम
डॉ. आदर्श सिंह ने निर्देश दिया कि जिले की समस्त फुटकर मदिरा दुकानों में न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजीक्यू) का समय पर पालन किया जाए और कंपोजिट दुकानों में बीयर के त्रैमासिक एमजीक्यू की निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी दुकान पर अन्य दुकान का स्टॉक पाए जाने पर अनुज्ञापन निरस्तीकरण और अनुज्ञापी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई तुरंत की जाएगी। मुखबिर तंत्र के माध्यम से अपमिश्रण जैसी कुरीतियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी और पाए जाने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।

ऑकेजनल बार लाइसेंस का कड़ा पालन
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि ऑकेजनल बार लाइसेंस वाले स्थलों पर केवल एफएल-11 लाइसेंस के तहत अनुमोदित मदिरा ही परोसी जाए। अन्य प्रांत की मदिरा पाए जाने पर अनुज्ञापन निरस्त किया जाएगा और भविष्य में उस पर नया लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। यह निर्देश विशेष रूप से त्योहारों और आयोजनों के दौरान सख्ती से लागू होंगे।

त्योहारों में सतर्कता और समन्वय
आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में सुरक्षित सामाजिक माहौल बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने और अवैध शराब की रोकथाम के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियानों में स्थानीय समुदाय और मीडिया को भी शामिल किया जाए ताकि लोग अवैध शराब के दुष्प्रभावों से परिचित हों और उनके रोकथाम में सहयोग दें।

अधिकारियों का समर्थन और कार्यवाही का भरोसा
सभी उपस्थित अधिकारी और निरीक्षक इस बैठक में दिए गए निर्देशों का स्वागत किया और उन्हें शीघ्र क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि जिले भर में अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी निगरानी, सतत जांच और कठोर कार्रवाई के माध्यम से कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. आदर्श सिंह ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि आबकारी विभाग का लक्ष्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं है, बल्कि सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाए रखना भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस निर्देशों के कार्यान्वयन से जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण होगा और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।