-हिंडन मोक्ष स्थल पर लाइन में रखे शव, 8 घंटे तक कर रहे इंतजार
गाजियाबाद। जिंदा है तो उपचार के लिए अस्पताल में घंटो का इंतजार और मर गये तो श्मशान में चिता के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। यह इंतजार लोगों के सब्र का भी इम्तहान ले रहा है। कोरोना काल में उपचार के लिए लोग भटक रहे है तो मरने के बाद भी श्मशान घाट में घंटो इंतजार करने के बाद नंबर आ रहा है। कोरोना संक्रमण के कहर के चलते हिंडन मोक्ष स्थल श्मशान घाट पर फिर से मृतकों के शवों को लाइन में रखना पड़ रहा है। शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों को 8 से 10 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक हिंडन श्मशानघाट पर 30 से अधिक कोरोना संक्रमण से मृत हुए शवों को यहां लाया गया। मंगलवार को भी शवों की संख्या अधिक रही। हिंडन मोक्ष स्थल पर शवों का अंतिम संस्कार करने में परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण से हुई मौत के अलावा शाम तक करीब 40 शव हिंडन मोक्ष स्थल पर लाए गए। शाम तक करीब 65 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, शवों के साथ आए परिजनों की शिकायत है कि टोकन देने के बाद भी निर्धारित समय पर दाह संस्कार नहीं कराया जा रहा है। गर्मियों में शवों को कई घंटों तक खुले में रखना पड़ रहा है। हिंडन श्मशानघाट के संचालक मनीष शर्मा ने बताया कि बुधवार को शाम तक करीब 70 शवों को यहां लाया गया। गाजियाबाद के अलावा पूर्वी दिल्ली से भी शव लाए गए। कई शवों को दूसरे श्मशान घाटों को भेजा गया। इसके अलावा नगर निगम द्वारा तैयार कराए गए अतिरिक्त प्लेटफार्म पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना से मृत लोगों का अंतिम संस्कार विद्युत शव दाह गृह में किया जा रहा है। मगर इसमे समय अधिक लग रहा हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत इन शवों का दाह संस्कार कराया जाता है। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कोरोना से मृत लोगों का दाह संस्कार कराया जा रहा है। शवों के साथ आने वाले लोगों को मास्क और सैनिटाइजर दिए गए।
















