– भयावह परिस्थितियों में जनता से दूर रहे जनप्रतिनिधि
– लोगों का आरोप संकटकाल में ना उठाया फोन, घर के दरवाजे कर लिए थे बंद
– अब जब सुधरे है हालात तो दिखावे के लिए अस्पतालों में फोटो सेशन करवा रहे मंत्री
विजय मिश्रा (उदय भूमि ब्यूरो)
गाजियाबाद। नेता मतलबी और स्वार्थी होते हैं यह तो सभी जानते। लेकिन वह बड़ेे ही चतुर चालाक भी होतेेे हैं। परेशानी और संकट काल में लोगोंं से दूर रहने वाले नेता और मंत्री संकट दूर होनेेे पर घड़ियाली आंसू बहाने और फोटो सेशन कराने दड़बे से बाहर निकल आते हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग के पीआर सेल द्वारा मंत्री जी का पीपीई किट पहने फोटो वायरल किए जाने पर शहरवासी इसी तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वैसे तो लोगों में गाजियाबाद के सभी भाजपा विधायक और सांसद को लेकर जबरदस्त गुस्सा है, लेकिन विधायक अतुल गर्ग को लेकर नाराजगी कुछ ज्यादा ही है। इसकी वजह भी है। अतुल गर्ग उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री हैं। शहरवासियों का आरोप हैै है कि कोरोना संकटकाल में स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने ना सिर्फ अपने घर और कार्यालय के दरवाजे लोगों के लिए बंद कर दिए बल्कि, जिन लोगों ने उन्हें वोट देकर जिताया उनकेे भी फोन उठाने बंद कर दिए। ऐसे में अब उनके द्वारा पीपीई कित पहनकर निरीक्षण करनेे का दिखावा शहरवासियों के लिए जले पर नमक छिड़कने जैसा है।
जनपद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद भाजपा नेताओं ने घर से निकलना शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों और नेताओं को अब जरूरतमंदों का दुख-दर्द बांटने का समय मिला है। जिस समय हालात भयावह थे, तब कोई सामने आने को तैयार नहीं थी। सूबे के स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग तक अपने आवास तक सिमट कर रह गए थे। जबकि कोरोना मरीजों और तिमारदारों को सरकारी कुव्यवस्था के कारण दिन-रात परेशान होना पड़ा। जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने कोरोना के बुरे दौर में जनता की कतई चिंता नहीं की। आम जनता की कौन कहे भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं तक के फोन इन प्रभावशाली विधायकों, मंत्री और सांसद ने नहीं उठाए। अब हालात सामान्य होने पर वह बाहर निकल कर जनसेवा का ड्रामा करने में जुटे गए हैं। इसी क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग पहली बार पीपीई किट पहन कर कोविड एल-3 संतोष मेडिकल अस्पताल में मरीजों का हाल-चाल जानने पहुंंचे। बकौल मंत्री जी के मीडिया प्रभारी उन्होंने अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार सिंह को निर्देश दिए कि प्रतिदिन मरीजों की उनके परिजनों से वीडियो कॉलिंग के जरिए बातचीत कराई जाए। यदि कोई परिजन संक्रमित से मिलना चाहता है तो उसे पीपीई किट पहना कर मरीज से मिलवाया जाए। मंत्री जी को प्रचाार पूरा मिले इसको ध्यान में रखकर राज्यमंत्री ने पीपीई किट पर नेम प्लेट भी लगवाई। इससे मरीजों को आसानी से पता चल गया कि राज्यमंत्री अतुल गर्ग उनका हाल पूछने आए है। कुछ मरीजों ने चिकित्सकों के न आने एवं स्टाफ द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत की। राज्यमंत्री ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कई खामियां मिलीं। इन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद गाजियाबाद में भी खूब कोहराम मचाया। कोविड अस्पतालों से लेकर श्मशान घाट तक फैली अव्यवस्थाओं ने नागरिकों की परेशानी बढ़ाए रखी थी, मगर उस समय भाजपा नेताओं ने खुद को जनता से दूर कर लिया था। फिलहाल स्थिति सुधरने पर भाजपा नेता सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
















