केके शर्मा ने ओम त्यागी पर किया पलटवार

हाईकोर्ट के नोटिस के बाद मेयर पति आक्रामक

गाजियाबाद। मेयर आशा शर्मा के पति के.के. शर्मा की आय से अधिक संपत्ति की सीबीआई से जांच कराने की मांग से जुड़ी याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। उच्च न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, महापौर, डीएम तथा नगरायुक्त को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं। पूर्व पार्षद ओम त्यागी ने मेयर पति की संपत्ति की सीबीआई से जांच कराने की मांग से जुड़ी याचिका उच्च न्यायालय में दायर की थी। याचिका मे मेयर पति पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। अदालत से नोटिस की प्रति तमाम संबंधित विभागों को भेजी गई है। बता दें कि पिछले कुछ समय से मेयर पति के.के. शर्मा और ओम त्यागी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसमें दोनों पक्ष भष्ट्राचार से लेकर जमीन कब्जे का आरोप लगाते रहे हैं। इस मामले में दोनों पक्षों द्वारा प्रेसवार्ता भी की गई। इस दौरान केके शर्मा ने ओम त्यागी को गाजियाबाद का सबसे बड़ा भू माफिया बताया था। वहीं, ओम त्यागी ने भी केके शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उधर, केके शर्मा का कहना है कि ओम त्यागी द्वारा नगर निगम के विरूद्ध हाईकोर्ट में दायर याचिका में उन्हें भी पार्टी बनाया गया है। जबकि यह मामला नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा होने का है। मामला भी दस साल पुराना था। उस समय आशा शर्मा मेयर नहीं थीं। याचिका में उन्हें पार्टी बनाया जाना मानसिक दिवालियापन का संकेत है। केके शर्मा का कहना है कि वह सोशल चौकीदार नामक संस्था का संचालन करते हैं। यह संस्था भू-माफिया के खिलाफ निरंतर आवाज उठा रही है। शर्मा का आरोप है कि ओम त्यागी ने सैकड़ों बीघा भूमि खुर्द-बुर्द कर रखी है। मामले में नगर निगम के साथ-साथ मुझे भी पार्टी बनाया जाना अनुचित है।