-तीन साथी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी धेवता फरार
गाजियाबाद। गाजियाबाद।लोनी थाना क्षेत्र के गांव सिरौली में 5 बीघा जमीन नाम कराने को लेकर धेवते ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर नाना की मारपीट कर हत्या करने के मामले में पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि धेवता फरार है। इसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम लगी हुई हैं। डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक एवं एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने हत्या का जल्द खुलासा करने के लिए लोनी सीओ अतुल सोनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की थी। मंगलवार को लोनी थाने में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीओ अतुल सोनकर ने वृद्ध किसान की हत्या का खुलासा किया। सीओ ने बताया कि लोनी थाना प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने दारोगा तपेश कुमार गौतम,हरि प्रसाद टीम के साथ मंगलवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर हत्या में शामिल तीन आरोपी रवि पुत्र विजय निवासी भगोट चांदीनगर बागपत,कपिल पुत्र रूपराम,झबरू उर्फ कालू उर्फ मनदीप पुत्र धर्मवीर उर्फ धर्मी निवासी निवासी डंगरपुर खेकड़ा बागपत को चिरौड़ी बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया गया। लोनी थाना प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि लोनी क्षेत्र के सिरौली गांव में 2 जून को अपनी बेटियों के ससुराल आए मुरादनगर थाना क्षेत्र के गांव मथुरापुर गांव के रहने वाले 80 वर्षीय वृद्ध हरिया उर्फ हरि सिंह की मारपीट करने के बाद उसके धेवते दीपक पुत्र स्वर्गीय कर्मवीर सिंह निवासी गांव सिरौली ने अपने इन तीनों साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। बीते 5 जून की सुबह हरिया का सिरौली गांव के जंगल में संजय के खेत में गड्ढ़े में दबा हुआ शव पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने मौके पर मुआयना किया था। मृतक हरिया के पुत्र विजय सिंह ने हत्या के मामले में भांजे दीपक समेत दो के खिलाफ लोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में हत्या में चार युवकों के शामिल होने का खुलासा हुआ। इसमें तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। जबकि मुख्य आरोपी हरिया का धेवता फरार चल रहा हैं। इसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही हैं। मृतक के शरीर पर चोट के गंभीर निशान मिले थे। मृतक हरिया ने दो बेटियों धनेश और बृजेश की शादी सिरौली गांव में की थी। वह बेटियों से मिलने उनके घर आए थे। शुक्रवार रात में वह खाना खाने के बाद घर में सो गए। रात में हरिया के धेवते दीपक ने रवि,कपिल और झबरू के साथ मिलकर मारपीट करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पूछताछ में बताया कि दीपक के नाना हरिया ने बागपत के भगोट गांव में 20 बीघा जमीन खरीदी थी। इसमें से 5 बीघा जमीन दीपक अपने नाम करवाना चाहता था। मगर हरिया ने जमीन देने से मना कर दिया था। दीपक की मां जब घेर में खाना लेकर आई तो उसने भी दीपक को समझाया था। मगर उसने तैश में आकर साथियों के साथ मिलकर नाना हरिया की हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
















