ग्रेटर नोएडा। शहर में अब निजी प्रतिष्ठान मनमाने तरीके से साइन बोर्ड नहीं लगा पाएंगे। उन्हें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नीति के अनुरूप चलना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दायरे में औद्योगिक इकाइयों के अलावा अन्य सभी प्रतिष्ठान आएंगे। साइन बोर्ड लगाने से पहले अनुमति लेना भी जरूरी है।
शहर की एकरूपता को प्रभावित करने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इस नीति से साइन एज और बोर्ड को लेकर एकरूपता देखने को मिलेगी। दरअसल ग्रेटर नोएडा शहर को स्मार्ट सिटी रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग कार्य कराए जा रहे हैं। शहर में औद्योगिक इकाइयां, प्रतिष्ठान आदि के बोर्ड बेतरतीब तरीके से लगाए जा रहे हैं। इनके संचालकों का जहां पर मन होता है वहां बोर्ड लगा देते हैं।
शहर में लगाए गए बोर्ड अलग-अलग डिजाइन और रंगों के होते हैं। यह बोर्ड शहर की एकरूपता को प्रभावित करते हैं। इसके चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साइन एज एवं बोर्ड को लेकर अपनी नीति को अंतिम रूप दिया है। इससे प्राधिकरण की अनुमति के बाद बोर्ड लग सकेंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक एकड़ से ज्यादा भूमि के आवंटी को साइन एज एवं बोर्ड लगाने के लिए अनुमति लेनी होगी। ग्रेनो प्राधिकरण के नियमों के अनुसार बोर्ड लगाने जरूरी हैं। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
















