दिव्यांग मतदाताओं के एक-एक वोट से होगा परिवर्तन: ऋतु सुुहास

-दिव्यांगजन सहित समाज के वंचित लोगों के लिए संस्थान सेवारत: अमिताभ शुक्ल
-दिव्यांगजन मतदान जागरूकता कार्यक्रम में बढाया हौसला

गाजियाबाद। दिव्यांगजनों के 50 वोट लोकतंत्र के लिए उतने ही जरूरी है। जितने की सामान्य लोगों के लाखों वोट। देश को ओलंपिक से ज्यादा मेडल पैरा ओलंपिक मिले जो यह साबित करता है कि दिव्यांगजन आम लोगों से कहीं भी पीछे नहीं है। यह बातें शुक्रवार को संजयनगर स्थित भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा कैंपस में दिव्यांगजन मतदान जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास ने कहीं। उन्होंने कहा दिव्यांगजन वोटिंग करने के लिए आगे आएं और जिन लोगों के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, वह अपने वोटर आईडी कार्ड बनवाएं। इस कार्य में जिला प्रशासन उनके लिए विशेष व्यवस्था करेगा। उन्होंने दिव्यांगजन का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि विशेष व्यक्ति वह सब कुछ कर सकते हैं जो आम व्यक्ति कर सकता है। एक अन्य उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ओलंपिक में जितने मेडल भारत को मिले है, उससे कहीं ज्यादा मेडल पैरा ओलंपिक में देश को मिले हैं। जिससे यह साबित होता है कि दिव्यांगजन आम लोगों से कहीं भी पीछे नहीं है।
कार्यक्रम का उद्देश्य सामान्य लोगों के साथ विशेष तौर पर दिव्यांगजन को मतदान करने तथा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक करना था। भागीरथ पब्लिक स्कूल के निदेशक अमिताभ शुक्ल एवं प्रिंसिपल दीप्ति रावत ने ऋतु सुहास को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मन्नित किया। कैमकुस कॉलेज ऑफ लॉ की डीन डॉ सीमा सिंह ने लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर प्रकाश डाला। भारत सरकार द्वारा गठित लोकल लेवल कमेटी के सदस्य एवं भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ शुक्ल ने कहा कि भागीरथ सेवा संस्थान 45 वर्षों से दिव्यांगजन सहित समाज के वंचित लोगों के लिए सेवारत है। मतदान जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में अपनी भागीदारी के लिए भागीरथ सेवा संस्थान हर प्रकार से तत्पर है और इसी की शुरुआत के लिए यह मतदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस दौरान मौजूद स्पेशल स्कूल अद्वैत पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ नीलम गोयल ने सरकार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि मतदान स्थल के अंदर दिव्यांगजन के लिए विशेष रूप से रैंप और व्हीलचेयर का प्रबंध किया जाए ताकि मतदान स्थल पर पहुंचने के बाद दिव्यांगजन आसानी से अपने बूथ तक पहुंच सके और अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। उड़ान स्पेशल डे केयर की कॉर्डिनेटर दिनेश सिंह ने दिव्यांगजन द्वारा भरे गए 30 फॉर्म और भागीरथ पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ने सामान्य बच्चों के 55 फॉर्म एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास को सौंपा। एडीएम प्रशासन ने दिव्यांगजन को बढ़-चढ़कर वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।