-डेंगू से बचाव, स्वच्छता से ही बीमारी होगी दूर: शुभांगी शुक्ला
गाजियाबाद। डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूर है। बुखार आने पर बिना देरी किए नजदीकी केंद्र, सरकारी अस्पताल के साथ संपर्क करना चाहिए। मलेरिया का टेस्ट और उपचार सरकारी अस्पताल में निशुल्क है। अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। क्योंकि स्वच्छता से ही बीमारियां दूर होंगी और स्वस्थ जीवन जीने के काबिल बनेगा।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह द्वारा डेंगू आउटब्रेक के सम्बन्ध में समस्त उप जिला अधिकारियों को निर्देशि दिए गये है कि डेंगू रोगियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होने के दृष्टिगत अपने-अपने क्षेत्र में सावधानी बरतने के साथ कार्रवाई करे। डीएम ने एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिए है कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर इत्यादि में पानी जमा न होने दें, पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक कर रखें, कुछ समय बाद कूलर को खाली करके सुखा दें एंव साफ करने के बाद ही पुन: प्रयोग करें। यह मच्छर दिन के समय काटता है इसलिए ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तर ढके एवं खिड़कियों पर मच्छररोधी जाली का प्रयोग करें।
उप-जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने लोनी क्षेत्र स्थित सभी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को डेंगू-मलेरिया जैसी बिमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने एवं साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए है। उप-जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने कहा आवास एंव विकास परिषद, मण्डौला विहार योजना, परियोजना अधिकारी, यू0पी0एस0आई0डी0सी0, खण्ड विकास अधिकारी लोनी एंव अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद लोनी अपने सम्बन्धित क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण कर रेजीडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन एंव क्षेत्रीय निवासियों को डेंगू बिमारी के प्रति जागरूक एवं साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह आदेश महामारी अधिनियम-1897 तथा आपदा मोचन अधिनियम-2005 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुप्रयोग में जिलाधिकारी द्वारा निर्गत किया गया है। अगर इसमें कोर्ई भी लापरवाही बरती गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
















