डीएम ने दिए निर्देश, 3 में से एक लाइसेंस करना होगा सरेंडर
गाजियाबाद। जनपद में 3 शस्त्र लाइसेंस रखना अब भारी पड़ सकता है। एक व्यक्ति को 2 से ज्यादा लाइसेंसी शस्त्र रखने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के पास 3 लाइसेंसी शस्त्र हैं तो उसे एक शस्त्र तत्काल सरेंडर करना होगा। ऐसा न करने पर जिला प्रशासन द्वारा लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि तीसरा शस्त्र लाइसेंस जमा नहीं करने पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत एक व्यक्ति के पास 2 से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस नहीं हो सकते हैं। जिले में ऐसे बहुत शस्त्र के शौकीन है,जिन्होंने पूर्व में तीन-तीन शस्त्रों के लाइसेंस बनवाए गए। एक साथ तीन शस्त्र लाइसेंस रखने वालों के लिए अब तीसरा शस्त्र सिरदर्द बन गया है। तीसरा लाइसेंस रद्द होने के बाद इस शस्त्र का निस्तारण करना मुश्किल हो रहा है। कुछ लाइसेंस धारकों ने अपना तीसरा शस्त्र मालखाने में जमा करा दिया है,तो वहीं कुछ ने इसे निजी शस्त्र विक्रेताओं के पास सरेंडर कर दिया है। इसके लिए उन्हें मासिक किराया देना पड़ रहा है। ऐसे में जिन लोगों के पास तीन शस्त्र लाइसेंस थे, उन्हें फरवरी-2021 तक अपना तीसरा लाइसेंस रद्द कराकर उसका शस्त्र सरेंडर करना था।
जिले में तीन शस्त्र लाइसेंस धारकों की संख्या 37 है। इनमें से 30 लोगों ने अपने शस्त्र जमा कर दिए हैं,लेकिन बाकी सात लोगों ने अभी तक शस्त्र लाइसेंस जमा नहीं किया है। जिलाधिकारी ने इन सभी सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा हैं। इन्होंने तीसरे शस्त्र लाइसेंस के संबंध में जमा न करने का कोई उचित जवाब नहीं दिया तो उनके बाकी के शस्त्र लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि जिले में कई ऐसे लाइसेंस धारक हैं जिनके पास पिस्टल,राइफल,रिवॉल्वर हैं। उन्होंने तीसरे शस्त्र के रूप में रिवॉल्वर सरेंडर की है। इन रिवॉल्वर को उन्होंने मालखाने में जमा न करके शस्त्र विक्रेता की दुकान पर जमा किया हैं।
दुकानदार को इसको रखने के एवज में 500 रुपए किराया भी इन्हेंं देना पड़ रहा है। रिवॉल्वर का कोई खरीदार भी नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि तीसरा शस्त्र लाइसेंस रिवॉल्वर,पिस्टल या फिर बंदूक,राइफल का हो। इनमें से एक को सरेंडर करना होगा। अगर जल्द ही तीसरा शस्त्र लाइसेंस जमा नहीं कराया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अन्य शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। तीन लाइसेंस धारकों में अधिकतर सरेंडर करने वाले शस्त्र बंदूक हैं। यह वो बंदूक हैं जो पुराने समय में बाबूजी की थी और अब वह वारिसान के रूप में अपने लाइसेंस पर चढ़ा ली गई थीं।
















