– पिछले पांच माह से नहीं मिल सका है भरण पोषण का पैसा
– दुकानों से उधार उठाया जा रहा है सामान
गढ़मुक्तेश्वर। बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए प्रदेश सरकार ने न्याय पंचायत स्तर पर गो संरक्षण केंद्र बनवाया है। जहां पर बेसहारा पशुओं को चारा के साथ ही रहने की व्यवस्था की गई है। ज्यादातर आश्रय स्थलों पर बेसहारा पशुओं की संख्या मानक से अधिक है। पशु चिकित्सा विभाग की देखरेख में ग्राम पंचायतें आश्रय स्थलों का संचालन करती है, लेकिन पिछले पांच माह से ग्राम पंचायतों को गोवंशों की देखरेख के लिए बजट नहीं मिल रहा है। बजट न मिलने के चलते आश्रय स्थलों के संचालन में प्रधानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बेसहारा पशुओं के लिए चारा, भूसा, चूनी आदि खरीदने के लिए प्रधानों को बजट का इंतजार है। गांव में बजट न मिलने के चलते आश्रय स्थलों पर बेसहारा पशुओं के चारे पर संकट है।
क्या कहते है अधिकारी
गोशाला में पशुओं का समय से भरण पोषण किया जा रहा है, कहीं दिक्कत नहीं है। सचिवों ने जो डिमांड मांगी गई थी उसमें कुछ कम धनराशि आई है। संबंधित ग्राम पंचायतों के खाते में भरण पोषण के रुपये भेज दिए गए है। अभिमन्य सेठ खंड विकास अधिकारी सिंभावली
















