आर्मेनिया और अजरबैजान के 100 नागरिकों की मौत
येरेवान। आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी जंग ने समूची दुनिया को शॉक्ड कर दिया है। दोनों देश एक-दूसरे को मुंहतोड़ जवाब देने को आतुर हैं। युद्ध छिडऩे से दोनों पक्षों के 100 से ज्यादा नागरिकों की जान चली गई है। दिन-प्रतिदिन हालात गंभीर हो रहे हैं। इजरायली घातक ड्रोन के जरिए अजरबैजान दुश्मन सेना को धूल चटा रहा है। आर्मेनिया के सैनिकों और युद्धक टैंकों पर इजरायली ड्रोन से अचूक निशाना लगाया जा रहा है। इससे आर्मेनिया की हालत खराब हो गई है। आर्मेनिया और अजरबैजान में इन दिनों युद्ध छिड़ा है। दोनों देश एक-दूसरे पर निरंतर हमले कर रहे हैं। युद्ध में अजरबैजान की ताकत को इजरायली किलर ड्रोन ने बढ़ा दिया है। ड्रोन आत्मघाती होने के साथ-साथ दुश्मन के क्षेत्र की रेकी करने के अलावा टॉरगेट से भिड़कर खुद को उड़ा लेने में माहिर हैं। इजरायली ड्रोन की वजह से आर्मेनिया की सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उसके कई सैनिक इस ड्रोन के हमलों में मारे गए हैं। इस युद्ध में तुर्की और पाकिस्तान भी उतर गए हैं। तुर्की व पाकिस्तान आतंकियों को अरजबैजान की ओर से लडऩे के लिए उकसा रहे हैं। उधर, इजरायल अजरबैजान को घातक हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि अजरबैजान के कुल हथियार खरीद का 60 प्रतिशत हिस्सा इजरायल से आता है। ऐसे में इजरायली हथियारों की बदौलत वह आर्मेनिया को झटके पर झटका दे रहा है। वहीं, रूस अपने करीबी आर्मेनिया का खुलकर पक्ष लेने से परहेज कर रहा है। नतीजन अजरबैजान की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। हालांकि कुछ देशों ने आर्मेनिया और अजरबैजान से युद्ध समाप्त कर शांति वार्ता के जरिए मसले को निपटाने की अपील की है, मगर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यदि रूस खुलकर आर्मेनिया के समर्थन में सामने आ जाता है तो वह अजरबैजान पर भारी पड़ सकता है।
















