– बुधवार को सर्वसम्मति से हुआ एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए एक बार फिर नगर निगम के ठेकेदारों ने सर्वसम्मति से नगर निगम कॉट्रैक्टर एसोसिएशन के नए पदाधिकारियों का चयन किया। नवगठित कार्यकारिणी में सचिन त्यागी को अध्यक्ष, अशोक राणा को महामंत्री और निखिल गोयल को कोषाध्यक्ष चुना गया। नवगठित कार्यकारिणी का विस्तार अगली बैठक में किया जाएगा। नई कार्यकारिणी के गठन पर ठेकेदारों ने प्रसन्नता जताई और कहा कि उम्मीद है कि एसोसिएशन ठेकेदारों के सामुहिक हित में निर्णय लेगा और छोटे ठेकेदारों की आवाज बुलंद करेगा।
विदित हो कि नगर निगम के ठेकेदार पिछले काफी समय से एसोसिएशन की कार्यकारिणी का चुनाव सर्वसम्मति से करते आए हैं। अजय त्यागी ठेकेदार एसोसिएशन के सबसे पहले अध्यक्ष बने थे। बाद में प्रधान जयवीर गुर्जर को ठेकेदारों ने अध्यक्ष चुना। बुधवार को ठेकेदारों की बैठक हुई। जिसमें नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों को लेकर चर्चा हुई। निर्वतमान अध्यक्ष प्रधान जयवीर गुर्जर ने अध्यक्ष पद छोडऩे की इच्छा जताई। जयवीर गुर्जर ने कहा कि वह ठेकेदारों के हित के लिए आवाज उठाते रहेंगे और हर तरीके से नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को ठेकेदार हित में सहयोग देते रहेंगे। इसके बाद सीनियर कॉट्रैैक्टर मदन अग्रवाल ने सर्वसम्मति से एसोसिएशन की कार्यकारिणी के चयन का प्रस्ताव दिया। बैठक में मौजूद सभी ठेकेदारों ने मदन अग्रवाल के प्रस्ताव का समर्थन किया। आपसी विचार विमर्श के बाद नगर निगम कॉट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए सचिन त्यागी के नाम का प्रस्ताव रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से सभी ने स्वीकार किया।

सीनियर कॉट्रैक्टर शील कौशिक ने एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के गठन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि उम्मीद है कि एसोसिएशन सभी ठेकेदारों के विचारों का सम्मान करते हुए ठेकेदारों के हित में काम करेगा। सीनियर कॉट्रैक्टर मदन अग्रवाल ने कहा कि एसोसिएशन सभी ठेकेदारों की सामूहिक आवाज बनकर काम करेगा। पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो गया था जिसके बाद नई कार्यकारिणी गठित की गई। नवगठित कार्यकारिणी के अध्यक्ष सचिन त्यागी ने कहा कि जिस उम्मीद से ठेकेदारों ने उन्हें अपना प्र्रतिनिधि चुना उन उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा। ठेकेदारों की कई समस्याएं हैं जिसे निगम अधिकारियों के समक्ष सम्मानजनक ढंग से रखा जाएगा। ठेकेदार नगर निगम के अंग हैं। नगर निगम हित में ठेकेदार हर तरीके से अधिकारियों का सहयोग करेंगे और उम्मीद है कि अधिकारी भी ठेकेदारों की पीड़ा और परेशानियों को समझते हुए उसे दूर करने में मदद करेंगे।
















