-हर-हर महादेव का जयघोष से गुंजायमान हुए मंदिर
गाजियाबाद। कोरोना के दो साल बाद सावन के पहले सोमवार को शिवालय में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस फोर्स की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में भक्तों ने मंदिरों में जलाभिषेक किया। शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव का जयघोष से गुंजायमान होते रहे। गर्मी और उमस में भी भक्त लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शहर के ऐतिहासिक सिद्वपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर में देर रात से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। मंदिर के महंत नारायण गिरी व वेद विद्यापीठ के आचार्योंं व छात्रों द्वारा विधिवत भगवान दूधेश्वरनाथ का अभिषेक किया। इसके उपरांत भक्तों के लिए मंदिर में जलाभिषेक शुरू किया गया। देर रात से ही मंदिर में लाइन लगने का जोसिलसिला शुरू हुआ, वह पूरा दिन जारी रहा। भीड़ को देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया। एकसाथ सभी लोगों को भेजने के बजाए रोक-रोक कर भेजा जा रहा था, जिससे मंदिर परिसर के अंदर अधिक भीड़ न हो सके। इतना ही नहीं इस बार भक्त सीधे गर्भगृह में भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करने के उपरांत सीधे मंदिर के निकास द्वार से निकाले जा रहे थे, ऐसा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किया गया था।

मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरी ने बताया कि सावन का महीना शिव का प्रिय महीना जाना जाता है। इस माह के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने पर शिव प्रसन्न रहते हैं और भक्तों की प्रार्थना स्वीकार करते हैं। भगवान भोले महज जलाभिषेक करने से भी अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं। सावन के सोमवार बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचते हैं। भक्तों ने भगवान शिव का गंगाजल, दूध, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, भांग के पत्ते, फूल व नारियल अपिज़्त कर पूजन किया।
दूधेश्वरनाथ मंदिर के अलावा सी ब्लॉक कविनगर, नासिरपुर फाटक स्थित शिवमंदिर, नेहरूनगर स्थित शिवमंदिर पर भी जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। सुबह से ही भक्त हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचते रहे। सोमवार को श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए दूधेश्वरनाथ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। देर रात से ही सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मंदिर की व्यवस्था सम्भालने में जुटे रहे। एहितयातन जीटी रोड को भी बंद रखा गया, ताकि लाइन में लगे भक्तों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। जस्सीपुरा मोड़ पर कैलाभट्टा से आने वाले यातायात और गौशाला फाटक से आने वाले यातायात को रोका गया। मंदिर मार्ग पर सिर्फ पैदल ही लोगों को जाने दिया जा रहा था। मंदिर के अन्दर व बाहर पुलिस कर्मी तैनात रहे।

सावन के पहले सोमवार को श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए दूधेश्वरनाथ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। मंदिर के अन्दर व बाहर पुलिस कर्मी तैनात रहे। दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास यातायात पुलिस ने रविवार आधी रात से ही डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास वाहनों पर प्रतिबंध किया गया। इसके साथ ही जरूरत पडऩे पर कांवड़ यात्रा के लिए तैयार भारी वाहनों का डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है।जीटी रोड पर लालकुआं से चौधरी मोड़ की ओर भारी वाहन नहीं आएंगे। ये वाहन साजन कट से होकर जाएंगे। इसी तरह नया बसअड्डा से कोई भी वाहन हापुड़ तिराहा से आगे नहीं जाएगा। सभी वाहनों को हापुड़ रोड से पुराना बस अड्डा की ओर भेजा जाएगा। गोशाला तिराहा से गोशाला अंडरपास की ओर सभी तरह के वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जस्सीपुरा मोड़ से भी कोई वाहन दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर नहीं जाएगा। इसी तरह घंटाघर से हापुड़ तिराहा के बीच कोई भी वाहन नहीं चलेगा। इस बीच छोटे वाहनों को भी ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर से गुजारा जाएगा।
















