सीएम योगी के मिशन 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को पूरा करने में आईआईए देगा बड़ा योगदान

-आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में उद्यमियों ने की सीएम योगी से मुलाकात
-राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए ने मुख्यमंत्री को दी एक तहसील एक उत्पाद योजना की जानकारी
-आईआईए की एक तहसील एक उत्पाद योजना से पूरा होगा 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
-एक जिला एक उत्पाद योजना को आईआईए द्वारा एक तहसील एक उत्पाद पर ले जाने का निर्णय
-उत्तर प्रदेश की 2025 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य पर काम कर रही है सरकार

उदय भूमि ब्यूरो।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को पूरा करने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) अपना अहम रोल अदा करेगा। वर्ष 2025 तक इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए आईआईआई ने कार्य करना शुरु कर दिया है। मंगलवार को आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में उद्यामियों ने लखनऊ में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके निवास स्थान पर 1 ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य की पूर्ती में आईआईए के सहयोग के सम्बन्ध में मुलाकात की। आईआईए के प्रतिनिधीमण्डल में अलोक अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, रजनीश सेठी चेयरमैन एमएसएमई क्लस्टर डव्लैप्मेंट, अवधेश अग्रवाल राष्ट्रीय सचिव, डीएस वर्मा अधिशासी निदेशक शामिल थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए ने मुख्य मंत्री को अवगत कराया की प्रदेश सरकार की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आईआईए द्वारा उत्तर प्रदेश की सभी तहसीलों में व्यापक औधोगिक सर्वे के माध्यम से स्थानीय स्टार पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना की तयारी कर ली है। इस सम्बन्ध में आईआईए द्वारा प्रत्येक तहसील में उपलब्ध कच्चे माल और स्थानीय दक्षता के आधार पर एक तहसील एक उत्पाद का चयन कर उद्योग स्थापित किये जायेंगे। प्रदेश कृषि वागवानी एवं पशु पालक प्रधान प्रदेश होने के नाते यहां पर तहसील स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण एवं हस्तकला उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। इन खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आईआईए नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में इंडिया फूड एक्सपो का आयोजन भी कर रहा है।

आईआईए की एक तहसील एक उत्पाद योजना से जहां एक और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों तक छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हो सकेंगे। वहीं स्थानीय युवकों को रोजगार प्राप्त होगा और उनका शहरों की ओर पलायन रुकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ प्रदेश सरकार की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की प्राप्ति में भी सफलता मिलेगी। उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश के उद्यमियों के साथ व्यापक चर्चा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष आइआइए द्वारा मुख्यमंत्री को बताया कि उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन का आयोजन माह नवंबर के प्रथम सप्ताह में करने जा रहे हैं। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा कराए जाने की अभिलाषा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर आईआईए विगत 37 वर्षों से उद्योग हित में उनकेकार्य करता आ रहा है। आज भी सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार आईआईए सरकार की डिफरेंस कोरिडोर योजना, ओडीओपी योजना, किसानों की आय बढ़ाने की योजनाओं, उद्योग बंधु संसथान के क्रियाकलापों, उद्योगिक नीतियों के सर्जन एवं कार्यन्वयन में सक्रिय भाग ले रहा है।

मुख्यमंत्री ने आईआईए द्वारा आयोजित किए जाने वाले उद्यमी महासम्मेलन में आने के लिए सैद्धांतिक सहमति देते हुए कहा कि आईआईए को प्रदेश में अधिक से अधिक औद्योगिक प्रदर्शनियों का आयोजन करना चाहिए। आईआईए की एक तहसील एक उत्पाद योजना को व्यवहारिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी योजना प्रदेश में बहुत सफल रही है और आज एक जिले में एक से अधिक उत्पाद ऐसे हैं जिनका जियोग्राफिकल इंडिकेशन पंजीकरण कराया जा सकता है। अत: एक तहसील एक उत्पाद की आईआईए की पहल अच्छी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर छोटे उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामान की गुणवत्ता के साथ-2 उनकी पैकिंग पर भी अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में जो दिखता है वही बिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों अथवा ओडीओपी और ओटीओपी के अंतर्गत उत्पादित वस्तुओं के अधिक से अधिक निर्यात की संभावनाओं पर भी आईआईए को कार्य करना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि आईआईए उनकी अपेक्षाओं के अनुसार कार्ययोजना बनाकर काम करेगा। आग्रह किया कि मुख्यमंत्री अपनी अध्यक्षता में उद्योग बंधु की उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक शीघ्र और नियमित करने की कृपा करें।