मेयर और नगर आयुक्त में होगी तगड़ी भिड़ंत ? शुक्रवार को दिखा ट्रेलर कांवड़ यात्रा बाद दिखेगा पूरा पिक्चर

कूड़े को लेकर महापौर और नगर आयुक्त मेंं फिर ठनी नगर आयुक्त बोले कूड़े की समस्या का हुआ समाधान मेयर बोली शट-अप कांवड़ यात्रा बाद चलेगा पोल खोल अभियान

कांवड़ यात्रा को लेकर भी नगर निगम ने काफी अच्छी व्यवस्था की है। लेकिन जिस तरह से कूड़े को लेकर विवाद हो रहा है उसका सबसे अधिक असर स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद की रैंकिंग पर पड़ेगा। कूड़े को लेकर गाजियाबाद की निगेटिव पब्लिसिटी हो रही है।

कुुछ पार्षदों ने कूड़े की समस्या का निस्तारण न होने और समस्या बढ़ने के लिए मेयर सुनीता दयाल पर सारा ठीकरा फोड़ा। मेयर की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाये 

मेयर ने कहा कि वह पुरानी राजनेता है और जानती है समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है। मेयर ने कहा कूड़ा निस्तारण प्लांट की जमीन के किरायेनामे की अवधि खत्म होने तक अधिकारी सोते क्यों रहे। 

नगर आयुक्त ने कहा कि मेयर के नेतृत्व में समस्त निगम अधिकारी काम कर रहे हैं ऐसे में विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। नगर निगम हित और शहरवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी काम कर रहे हैं।

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ के बीच विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को जिस तरह से मेयर ने आक्रामक रूख दिखाया ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मेयर और नगर आयुक्त के बीच तगड़ी भिड़ंत होगी। दोनों के बीच इस भिड़ंत का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा। पिछले एक सप्ताह से बदहाल शहर की सफाई व्यवस्था सुधरती हुई दिखाई दे रही है। कांवड़ यात्रा को लेकर भी नगर निगम ने काफी अच्छी व्यवस्था की है। लेकिन जिस तरह से कूड़े को लेकर विवाद हो रहा है उसका सबसे अधिक असर स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद की रैंकिंग पर पड़ेगा। कूड़े को लेकर गाजियाबाद की निगेटिव पब्लिसिटी हो रही है। इस पर जल्द विराम लगना आवश्यक है। लेकिन ऐसा होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को नगर आयुक्त सहित नगर निगम के तमाम अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मेयर सुनीता दयाल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। प्रेसवार्ता में मेयर ने कहा कि नगर आयुक्त ने उनसे ऊंची आवाज में बात की है। अभी वह शांंत है, लेकिन कांवड़ यात्रा के बाद पोल खोल अभियान चलाएंगी। उधर, नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि मेयर के निर्देशन में नगर निगम हित में काम किया जा रहा है। शुक्रवार को मेयर को कांवड़ यात्रा की तैयारियां सहित शहर की अन्य समस्याओं और उसके निस्तारण को लेकर किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। मेयर से विवाद को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि मेयर के नेतृत्व में समस्त निगम अधिकारी काम कर रहे हैं ऐसे में विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। नगर निगम हित और शहरवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी काम कर रहे हैं।

शहर में कूड़े को लेकर पिछले सप्ताह शुरू हुआ रार थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। विदित हो कि पिछले सप्ताह मेयर ने दिल्ली से कूड़ा लेकर आ रहे कुछ ट्रकों को पकड़ा। इस मामले में मेयर के निर्देश पर नगर स्वास्थ अधिकारी ने कूड़ा निस्तारण का काम करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया। कूड़े को लेकर विवाद होने और एफआईआर होने के बाद कूड़ा डंपिंग साइट पर जमीन के मालिक ने ताला जड़ दिया। दरअसल जमीन के मालिक को यह डर सताने लगा कि विवाद के कारण उनका भुगतान रोक दिया जाएगा। इसी बीच कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। इसके बाद कूड़े को लेकर नगर निगम पार्षदों के बीच भी राजनीति शुरू हो गई। कुुछ पार्षदों ने कूड़े की समस्या का निस्तारण न होने और समस्या बढ़ने के लिए मेयर सुनीता दयाल पर सारा ठीकरा फोड़ा। मेयर की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाये गये। वहीं कई पार्षदों ने मेयर के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

पिछले सात दिन से शहर में कूड़े की समस्या का निस्तारण नहीं होने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा सी गई है। कूड़े की समस्या के निस्तारण के लिए नगर आयुक्त ने खुद गुरुवार को पाइप लाइन मार्ग पर 42 बीघा नई जमीन को ढूंढा। इसके बाद नगर आयुक्त और मेयर की शुक्रवार को बैठक भी हुई। जमीन मिलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली और लगा कि सब कुछ सामान्य हो गया है। लेकिन शुक्रवार को मेयर की प्रेसवार्ता के बाद एक बाद फिर से नगर निगम में विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को कूड़ा का मसला आते ही मेयर सुनीता दयाल नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ पर बिफर पड़ी। मेयर ने कहा कि कूड़े का निस्तारण ठीक ढंग से हो, यह निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़े को लेकर जो पिछले कुछ दिनों से मीडिया के जरिये निगेटिव माहौल बना है, उस कारण कोई भी अपनी जमीन देने को तैयार नही था, अभी भी कुछ समस्याएं हैं जिसका निराकरण कराना जरूरी है। नगर आयुक्त ने मेयर से सहयोग मांगा और कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से समस्या का निस्तारण जल्द संभव होगा। इसी बात पर महापौर बिफर गई। नगर निगम सूत्र बताते हैं कि मेयर और नगर आयुक्त में काफी गहमा-गहमी हुई। मेयर की तेज आवाज कमरे के बाहर भी सुनाई दे रही थी।

नगर आयुक्त के साथ हुई बैठक के बाद मेयर ने प्रेसवार्ता में निगम अधिकारियों पर कई आरोप लगाए। मेयर ने कहा कि वह पुरानी राजनेता है और जानती है समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है। मेयर ने कहा कूड़ा निस्तारण प्लांट की जमीन के किरायेनामे की अवधि खत्म होने तक अधिकारी सोते क्यों रहे। जब किसान ने कूड़ा डालने से रोका तो शहर में कूड़े के ढेर लग गये और समस्या के लिए सारा ठीकरा उनके सिर पर फोड़ रहे हैं। मेयर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा है। फिलहाल तो वह शांत हैं लेकिन कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद एक-एक अधिकारी का पोल खोलेंगी। मेयर ने कहा कि पहले उन्होंने रेत मंडी स्थित गार्बेज फैक्ट्री पर सवाल उठाए व 30 जून को मोरटा प्लांट के पास एमसीडी लिखे ट्रक पकड़े। मेयर ने कहा कि मैंने दिल्ली के कूड़े के ट्रक पकड़े तो कूड़े का खेल उजागर हो गया। इसीलिए मेरे सिर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। मेयर के इन सभी आरोपों को लेकर नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात नहीं है। मेयर नगर निगम की मुखिया हैं, वह जो जानकारी मांगेंगी सभी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। उनका जैसा निर्देश होगा नगर निगम हित में काम किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि शुक्रवार को कांवड़ यात्रा, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल भराव और कूड़ा निस्तारण सहित अन्य विषयों पर मेयर के साथ चर्चा हुई।