BJP पार्षद विरेंद्र त्यागी एक बार फिर विवादों में घिर गये हैं। पार्षद पर आरोप है कि उसने निगम अधिकारी पर दवाब बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश की। कोशिश असफल होने पर पार्षद ने अधिकारी के साथ बदसलूकी की। पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए निगम अधिकारी ने बड़े ही शालीन तरीके से पार्षद को हद में रहने की सख्त नसीहत दी। उधर, पार्षद के गलत आचरण से नगर निगम कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा पार्षद विरेंद्र त्यागी का विवादों से पुराना नाता है। पूर्व में भी निगम अधिकारियों के साथ विरेंद्र त्यागी ने बदसलूकी की थी। पिछले कार्यकाल के दौरान स्वास्थ अधिकारी के साथ गाली गलौज और महिला पार्षद के साथ मारपीट को लेकर पार्षद ने नकारात्मक सुर्खियां बटोरी थी। चुनाव के दौरान पार्षद का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ था जिसके लेकर काफी विवाद हुआ था। कथित रूप से पार्षद विरेंद्र त्यागी को भाजपा के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री का करीबी माना जाता है।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। BJP पार्षद विरेंद्र त्यागी एक बार फिर विवादों में घिर गये हैं। पार्षद पर आरोप है कि उसने निगम अधिकारी पर दवाब बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश की। कोशिश असफल होने पर पार्षद ने अधिकारी के साथ बदसलूकी की। पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए निगम अधिकारी ने बड़े ही शालीन तरीके से पार्षद को हद में रहने की सख्त नसीहत दी। उधर, पार्षद के गलत आचरण से नगर निगम कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों ने पार्षद के रवैये की निंदा करते हुए शासन में इसकी शिकायत करने की बात कही है।
शनिवार दोपहर नगर निगम मुख्यालय में वार्ड-49 के पार्षद विरेंद्र त्यागी ने चीफ इंजीनियर एनके चौधरी के साथ बदसलूकी करते हुए गलत काम कराने का दवाब बनाया। काम नहीं करने पर चीफ इंजीनियर को अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए फाइल पर जबरन साइन करवाने की कोशिश की। चीफ इंजीनियर ने कहा कि वह फाइल की जांच करने के बाद उसे आगे अग्रसरित करेंगे। आरोप है कि पार्षद ने जिस काम के लिए दवाब बनाया वह अवैध कालोनी में निजी रास्ते से संबंधित है। पार्षद ने तत्काल फाइल साइन नहीं करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। चीफ इंजीनियर ने पार्षद को मर्यादा में रहकर बात करने और सीमा नहीं लांघने की नसीहत दी। पार्षद के रवैये से आहत चीफ इंजीनियर एनके चौधरी ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह के समक्ष पूरे मामले को रखा। चीफ इंजीनियर के साथ बदसलूकी किये जाने से निगम कर्मचारियों में रोष है।
भाजपा पार्षद विरेंद्र त्यागी का विवादों से पुराना नाता है। पूर्व में भी निगम अधिकारियों के साथ विरेंद्र त्यागी ने बदसलूकी की थी। पिछले कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी के साथ गाली गलौज और महिला पार्षद के साथ मारपीट को लेकर पार्षद ने नकारात्मक सुर्खियां बटोरी थी। चुनाव के दौरान पार्षद का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ था जिसके लेकर काफी विवाद हुआ था। कथित रूप से पार्षद विरेंद्र त्यागी को भाजपा के एक कद्दावर मंत्री का करीबी माना जाता है। बहरहाल जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के बीच इस तरह का अमर्यादित आचरण गरिमा के अनुकूल नहीं है और ऐसी हरकतों से पार्टी की भी बदनामी होती है।
















