नगर निगम का हुआ इंदिरापुरम : मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी की मौजूदगी में हुई हैंडओवर प्रक्रिया, जीडीए देगा 185 करोड़ वीसी अतुल वत्स ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को सौंपा पत्र

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को हैंडओवर से संबंधित पत्र सौंपा। इस दौरान जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, जीडीए चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, एनसीआर सेल के चीफ टाउन प्लानर एससी गौड़, जीडीए टाउन प्लानर अरविंद कुमार ,नोएडा के एडीएम प्रशासन अतुल कुमार, एडीएम प्रशासन विवेक मिश्रा, जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल आदि मौजूद रहे। हैंडओवर की शर्त के मुताबिक इंदिरापुरम क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए जीडीए नगर निगम को 185 करोड़ रुपये देगा।

विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। इंदिरापुरम की देखरेख कौन करेंगा? पिछले कई वर्षों से उठ रहे इस प्रश्न का जवाब शुक्रवार को मेरठ में मिल गया। मेरठ मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंदिरापुरम हैंडओवर को लेकर नगर निगम और जीडीए के बीच सहमति बन गई। बैठक के दौरान हैडओवर की प्रक्रिया पूरी की गई। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को हैंडओवर से संबंधित पत्र सौंपा। इस दौरान जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, जीडीए चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, एनसीआर सेल के चीफ टाउन प्लानर एससी गौड़, जीडीए टाउन प्लानर अरविंद कुमार ,नोएडा के एडीएम प्रशासन अतुल कुमार, एडीएम प्रशासन विवेक मिश्रा, जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल आदि मौजूद रहे। हैंडओवर की शर्त के मुताबिक इंदिरापुरम क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए जीडीए नगर निगम को 185 करोड़ रुपये देगा। पिछले कई वर्षों से हैंडओवर की प्रक्रिया फंड के मुद्दे पर ही अटका जाता था।

जीडीए के पूर्व वीसी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए कोई पैसा देने को राजी नहीं होते थे, वहीं नगर निगम द्वारा 300 करोड़ रुपए की मांग थी। जीडीए के वर्तमान वीसी अतुल वत्स और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सकारात्मक ढंग से बातचीत करते हुए इसका सर्वमान्य हल निकाला। ज्वाइंट सर्वे और कई दौर की बैठक के बाद नगर निगम 210 करोड़ रुपये की मांग पर अड़ा था वहीं जीडीए 130 देने को तैयार हुआ। शुक्रवार को मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में हुई बैठक में 185 करोड़ रुपये पर सहमति बनी। जिसके बाद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी हुई। इंदिरापुरम नगर निगम को हैंडओवर किये जाने पर इंदिरापुरम क्षेत्र के पार्षद और स्थानीय लोगों ने प्रसन्नता जताई है। पार्षद संजय सिंह के नेतृत्व में पार्षदों एवं स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से आंदोलन चलाया जा रहा था। संजय सिंह नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी कई बार हंगामा और प्रदर्शन कर चुके थे। हंगामा के कारण कई बार बैठकें भी स्थगित हुई थी। बहरहाल अब हैंडओवर की मांग पूरी हो गई है।

इंदिरापुरम योजना गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से नगर निगम को हैंडओवर होने के बाद अब नगर निगम कोष में सालाना 14 करोड़ रुपये का इजाफा होगा। हैंडओवर की शर्तों के मुताबिक जीडीए नगर निगम को इंदिरापुरम की सड़कों के सापेक्ष 50 करोड़, सीवर के लिए 25 करोड़, पेयजल के लिए 20 करोड़, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 15 करोड़, नाला निर्माण के लिए 50 करोड़, स्ट्रीट लाइट के लिए 13.69 करोड़ और पार्कों के लिए 11 करोड़ रुपए जीडीए नगर निगम को देगा। जीडीए को इसका भुगतान 31 दिसंबर 2024 से पहले करना होगा। इंदिरापुरम क्षेत्र में जीडीए द्वारा संचालित सभी सामुदायिक केंद्र और उनसे आने वाली आय पर गाजियाबाद नगर निगम का अधिकार होगा।
हैंडओवर प्रक्रिया के तहत इंदिरापुरम क्षेत्र के सभी विज्ञापन अधिकार गाजियाबाद नगर निगम को हस्तांतरित हो जाएंगे।

इतना ही नहीं हैंडओवर के बाद नई व्यवस्था के कारण किसी तरह का कानूनी विवाद या मुकदमेबाजी होगी उसकी प्रभावी पैरवी किए जाने का खर्च गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को वहन करना होगा। इंदिरापुरम क्षेत्र के हैंडओवर के कारण नगर निगम का कार्य क्षेत्र बढ़ेगा इसके लिए शासन से अतिरिक्त स्टाफ मिलने तक या 3 महीने तक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का वर्तमान स्टाफ  नगर निगम को सहयोग प्रदान करेगा। गाजियाबाद नगर निगम हैंडओवर की धनराशि की प्राप्ति के लिए एक डेडिकेटेड संयुक्त अकाउंट खोलेगा। जिसमें गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एक मुश्त 70 करोड़ रुपये हैंडओवर के समय देगा जबकि बाकी धनराशि तीन किस्तों में अदा की जाएगी। नगर निगम इंदिरापुरम योजना के निवासियों से सिर्फ हाउस टैक्स ही वसूल करता था वहां पर वाटर टैक्स भी वसूल कर सकेगा।