करुणेन्द्र सिंह को मिली लखनऊ आबकारी अधिकारी की कमान, चार्ज संभालते ही पहले दिन इंस्पेक्टरों को कार्य में सुधार की नसीहत

-लोगों की जागरूकता से तोड़ेगें शराब माफिया का नेटवर्क: करुणेन्द्र सिंह

उदय भूमि
लखनऊ। सहारनपुर से स्थानांतरित होकर आए करुणेन्द्र सिंह ने शनिवार को आखिरकार पिछले करीब दो माह से रिक्त पड़े लखनऊ जिला आबकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। गौरतलब हो कि लखनऊ जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह की मेरठ मंडल उप आबकारी आयुक्त के पद पर पदोन्नति होने के बाद करीब दो माह से यह पद खाली था। वहीं राजधानी के कैसरबाग तहसील क्षेत्र स्थित आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी के पद के लिए काफी घमासान मचा हुआ है। इस पद को पाने के लिए कई अधिकारी दौड़ में शामिल थे, लेकिन इस दौड़ में सहारनपुर के जिला आबकारी अधिकारी ने सभी को पीछे पछाड़ दिया। प्रदेश में लखनऊ का यह पद बेहद ही खास माना जाता है, क्योंकि इस पद को पाना हर किसी के लिए इतना आसान नही है। इस पद को पाना जितना आसान नहीं है, उतना ही काम को लेकर भी सबसे बड़ी चुनौती भी है। सहारनपुर से स्थानांतरित होकर आए करुणेन्द्र सिंह, पूर्व में उन्नाव, वाराणसी, गाजियाबाद आदि प्रमुख जनपदों में जिला आबकारी अधिकारी पद का कार्यभार संभाल चुके हैं। अपने कार्यकाल में करुणेन्द्र सिंह ने शराब माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ राजस्व बढ़ोत्तरी में भी नाम कमाया है।

सहारनपुर की माली हालत को सुधारने के साथ ही बड़े शराब माफिया के नेटवर्क को तोडऩे के साथ छोटे माफिया को धूल चटाने काम किया है। अपनी ठोस रणनीति के चलते करुणेन्द्र सिंह के कार्यकाल में चुनाव और त्योहार पूरी तरह से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। सहारनपुर के बाद अब लखनऊ को भी अब शराब माफिया के चंगुल से मुक्त करने के साथ-साथ राजस्व बढ़ोत्तरी के लिए रणनीति पर काम करने की नई रणनीति तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। पहले दिन चार्ज लेते ही जिला आबकारी अधिकारी ने सबसे पहले आबकारी निरीक्षकों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पहले सबसे अधिक क्षेत्रों में होने वाली शराब तस्करी की सूची मांगी और उसके लिए आबकारी निरीक्षकों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा जनपद में अवैध शराब का कारोबार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। बड़े माफिया के साथ-साथ छोटे तस्करों पर सख्त कार्यवाही जरूरी है। जहां भी अवैध शराब बनाने का काम चल रहा है वहां बिना देरी के कार्रवाई करें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार भ्रमण कर अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई करें। इसके साथ ही अवैध शराब के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाए। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में लोगों का सहयोग बेहद जरुरी है। इसलिए उनके बीच जाकर उनसे संपर्क करें और अवैध शराब के खिलाफ जागरूक करते हुए उन्हें भी आबकारी विभाग की कार्रवाई में सहयोग की अपील करें।

नवागत जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार को रोकना ही पहली प्राथमिकता होगी। मुखबिर तंत्र और आमजन के बीच में जागरुकता अभियान के सहारे शराब तस्करों के नेटवर्क को तोडऩे का काम किया जाएगा। साथ ही शराब पर ओवर रेटिंग को रोकने के लिए जल्द ही अनुज्ञापियों के साथ भी मीटिंग कर उन्हें भी चेतावनी दी जाएगी। सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी संभव हो सकती है, जब अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जा सकें।

इसलिए सभी आबकारी निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। चार्ज संभालने के उपरांत करुणेन्द्र सिंह ने डीएम विशाख जी. अय्यर और फिर ज्वाइंट एक्साइज कमिश्नर दिलीप मणि तिवारी और डिप्टी एक्साइज कमिश्नर नीरज वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान आबकारी निरीक्षक राहुल कुमार सिंह, शिखर, विवेक सिंह, रिचा सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, कृति प्रकाश पाण्डेय, अभिषेक सिंह, विजय राठी, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी और अखिल गुप्ता, रितेश रंजन (होलसेल), अशोक कुमार बांड ने जिला आबकारी अधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।