विकास की रफ्तार को मिली नई उड़ान, मधुबन-बापूधाम योजना से हाईटेंशन लाइन शिफ्ट

• 1.20 करोड़ की लागत से पूरा हुआ काम, जीडीए वीसी अतुल वत्स की पहल से मिली आवंटियों को बड़ी राहत
• भूखंड धारकों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, निर्माण में अब नहीं आएगी बाधा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के पॉकेट-बी में वर्षों से लंबित हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सक्रियता और दूरदृष्टि की अहम भूमिका रही। करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी कर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को सफलतापूर्वक हैंडओवर भी कर दी गई है। मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत पॉकेट-बी में नियोजित भूखंडों के बीच से होकर गुजर रही 33 केवीए की हाईटेंशन लाइन लंबे समय से आवंटियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। इन लाइनों की मौजूदगी से भवन निर्माण कार्य बाधित हो रहा था और साथ ही सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बनी रहती थीं। आवंटियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए जीडीए ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन से लाइन शिफ्टिंग का कार्य आरंभ कराया गया। इस तकनीकी और वित्तीय चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया और तय समयसीमा में कार्य को अंजाम दिया गया। अब शिफ्ट की गई हाईटेंशन लाइन की देखभाल व संचालन का जिम्मा पूरी तरह से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के पास होगा। इससे न केवल भूखंड आवंटियों को राहत मिलेगी, बल्कि जानमाल के खतरे की आशंका भी समाप्त हो जाएगी।

गोविंदपुरम और चिरंजीव विहार में भी पहुंचेगा इसका सकारात्मक असर
केवल मधुबन-बापूधाम ही नहीं, इस शिफ्टिंग का असर गोविंदपुरम और चिरंजीव विहार जैसे आस-पास के रिहायशी इलाकों में भी दिखेगा। इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की जो समस्याएं बनी रहती थीं, अब उनका स्थायी समाधान मिलेगा। निर्बाध बिजली आपूर्ति से न केवल घरेलू जीवन बेहतर होगा, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती मिलेगी।

अतुल वत्स की दूरदर्शिता ने दिलाया भरोसा, मिला जनता का विश्वास
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता से इस परियोजना को अंजाम दिया, वह प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने दिखाया कि यदि इच्छाशक्ति हो तो लंबे समय से अटकी समस्याएं भी हल की जा सकती हैं। यह कार्य न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि इसके माध्यम से विकास योजनाओं में अवरोधों को हटाकर आवंटियों को विश्वास देने का भी काम हुआ है।

विकास की राह पर मधुबन-बापूधाम, आगे बढ़ेगी रफ्तार
हाईटेंशन लाइनों के हटने के बाद अब मधुबन-बापूधाम योजना में निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में आवासीय ढांचे का निर्माण अब सुगम होगा, जिससे यह योजना आने वाले समय में गाजियाबाद के एक आदर्श और सुव्यवस्थित रिहायशी क्षेत्र के रूप में उभर सकती है।

जनहित सर्वोपरि है, मधुबन-बापूधाम के आवंटियों को राहत देना हमारी प्राथमिकता

अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष

मधुबन-बापूधाम योजना के तहत वर्षों से लंबित हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग की मांग को गंभीरता से लिया गया। हमारा उद्देश्य था कि आवंटियों को सुरक्षित माहौल मिले और वे बिना किसी बाधा के अपने घरों का निर्माण कर सकें। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना ही प्रशासन का धर्म है। यह कार्य केवल तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि नागरिकों की मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। आगे भी विकास कार्यों को गति देने के लिए हम इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे।
अतुल वत्स
उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण