-कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ और डीएम दीपक मीणा की अगुवाई में हुआ समीक्षा सम्मेलन
-सभी विभागों को 11 जुलाई से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। यात्रा की सफलता, शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय कल्पना सक्सेना, पुलिस उपायुक्त सिटी एवं मुख्यालय धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात सच्चिदानंद, अपर पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल, कार्यालय, डायल-112 आनंद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, महिला अपराध पीयूष कुमार सिंह सहित एसीपी व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एसडीएम सदर अरूण दीक्षित समेत अन्य एसडीएम, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में यात्रा मार्ग की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए गए कि कोई भी कार्य अंतिम समय तक लंबित न रहे। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, प्रशासनिक परीक्षा भी है, जिसे हम सब मिलकर शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रात्रि में सभी वाहन चालकों का एल्कोमीटर टेस्ट अनिवार्य होगा ताकि दुर्घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे ड्यूटी के दौरान शालीनता और सकारात्मकता का परिचय देते हुए यात्रियों की सेवा को प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसी कर्मी का रिप्लेसमेंट न आ जाए, तब तक कोई ड्यूटी नहीं छोड़ेगा। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि कांवड़ यात्रा से संबंधित सभी कार्य समय से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने यात्रा मार्ग को गड्ढा मुक्त बनाने, जल निकासी, सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, बिजली की तारों को ऊंचा करने, ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा कवच लगाने, और संवेदनशील स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था सहित तमाम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा मार्ग को न केवल सुरक्षित बल्कि सुंदर और व्यवस्थित भी बनाया जाएगा। बैठक में मौजूद सभी डीसीपी, एसीपी, एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित संभावित समस्याओं और तैयारियों का ब्योरा साझा किया। कहीं सड़कों पर गड्ढे हैं, तो कहीं जलभराव की समस्या; कहीं अतिरिक्त मोबाइल टॉयलेट की जरूरत है, तो कहीं ट्रैफिक कंट्रोल की चुनौती। इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर त्वरित समाधान की रूपरेखा तैयार की गई। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कांवड़ मार्ग पर सफाई, पेयजल और मोबाइल टॉयलेट जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करेगा और प्रतिदिन सफाई के लिए शिफ्टवार योजना लागू की जाएगी।
बैठक में तय हुआ कि यात्रा मार्ग से शराब और मांस की दुकानें हटाई जाएंगी, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, झाडिय़ां साफ की जाएंगी और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को सक्रिय रखा जाएगा। मोदीनगर तहसील के पास छोटा हरिद्वार क्षेत्र में विशेष रूप से मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की सुरक्षा चिंता न हो। पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर कांवडिय़ा सेवा, सुविधा और सुरक्षा का अनुभव करे। गाजियाबाद जिला इस बार सावन की इस भव्य यात्रा को नई मिसाल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यात्रा मार्ग पर होंगी प्रमुख व्यवस्थाएं:
• सभी गड्ढों की मरम्मत व जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की तैयारी
• लटकी तारों को ऊंचा करना और ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा कवरिंग
• सड़क किनारे झाडिय़ों की सफाई, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना
• संवेदनशील स्थानों पर एम्बुलेंस, बैरिकेडिंग और पब्लिक एड्रेस सिस्टम
• शराब व मांस की दुकानों को कांवड़ मार्ग से हटाना
• अतिरिक्त मोबाइल टॉयलेट व पेयजल की व्यवस्था

















