रामपुर में ‘हिम्मत सिंह मॉडल’ का जलवा – अवैध शराब पर फुल स्टॉप, राजस्व में हो रही बढ़ोतरी

-कानून के शिकंजे में शराब माफिया, अनुशासन के साये में लाइसेंसी सिस्टम
-हर सुबह एक नई कार्रवाई, हर बैठक में एक नया विजन, आबकारी विभाग बना ईमानदारी और दक्षता का पर्याय

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। आबकारी विभाग के नेतृत्व में रामपुर जिले में कानून व्यवस्था और विभागीय राजस्व के क्षेत्र में एक नया युग शुरू हो चुका है। जिले के मुखिया, आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने न सिर्फ अपनी सक्रियता से शराब माफियाओं की कमर तोड़ी है, बल्कि प्रशासन की छवि को भी नई बुलंदी दी है। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, तत्परता और अनुशासन की त्रिवेणी साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि रामपुर का आबकारी विभाग आज पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श बनता जा रहा है। हिम्मत सिंह के नेतृत्व में विभाग अब केवल जांच या कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह पूरे जिले की राजस्व व्यवस्था को मजबूती देने वाला एक सशक्त स्तंभ बन चुका है। उनके मार्गदर्शन में विभागीय टीम हर दिन नए जोश के साथ सड़कों पर उतरती है और अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर कानून व्यवस्था को प्रभावशाली बनाती है। मंगलवार को जिला आबकारी कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने जनपद के सभी देशी, विदेशी मदिरा और बीयर के थोक अनुज्ञापियों के साथ गहन संवाद स्थापित किया। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रावण मास में मार्ग अवरोधों की आशंका को देखते हुए सभी अनुज्ञापी समय से अधिकाधिक इंडेन्ट लगाएं, ताकि फुटकर दुकानों पर शराब की आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिले के प्रत्येक गोदाम में ब्रांडों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। हिम्मत सिंह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ओवर रेटिंग, अनियमित बिक्री या किसी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निरीक्षकों को निर्देशित किया कि नियमित चेकिंग के साथ-साथ गुप्त निगरानी भी बढ़ाई जाए। यदि किसी दुकान पर शिकायत मिली और उस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके इस रुख से विभाग के भीतर जवाबदेही और अनुशासन की भावना और अधिक मजबूत हुई है। रामपुर में अवैध शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आबकारी विभाग ने राजस्व संग्रह में भी जबरदस्त सफलता अर्जित की है। विभागीय आंकड़े दर्शाते हैं कि बीते महीनों में राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जो इस बात का प्रमाण है कि हिम्मत सिंह का प्रशासनिक नेतृत्व परिणाम देने में सक्षम है। उनकी कार्यशैली सिर्फ कानून के दायरे में रहकर कार्यवाही करने तक सीमित नहीं, बल्कि वे जनहित को प्राथमिकता देते हुए हर निर्णय को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू करते हैं।

चाहे दुकानों की नियमित चेकिंग हो या थोक अनुज्ञापियों से संवाद, हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। रामपुर के नागरिक अब खुलकर यह कहने लगे हैं कि जिले को ऐसा ही नेतृत्व चाहिए था जो न सिर्फ माफिया पर सख्त हो, बल्कि जनता की जरूरतों और शासन की अपेक्षाओं को समझते हुए काम करे। हिम्मत सिंह अब केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि जिले में कानून व्यवस्था, पारदर्शिता और निष्ठा के पर्याय बनते जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में रामपुर आबकारी विभाग न केवल अवैध कारोबार को रोकने में सफल रहा है, बल्कि जनसंपर्क, नियोजन और समयबद्ध कार्यों की मिसाल भी पेश कर रहा है। यह कार्यशैली आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि जनपद में शराब माफिया और ओवर रेटिंग जैसी कुप्रथाओं के लिए कोई जगह नहीं है। मेरा स्पष्ट निर्देश है कि सभी थोक अनुज्ञापी समय से इंडेन्ट लगाएं और ब्रांडों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।

श्रावण मास में आपूर्ति की बाधा को देखते हुए हमें पहले से तैयारी करनी होगी ताकि किसी फुटकर विक्रेता या उपभोक्ता को असुविधा न हो। उन्होंने कहा हर निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि दुकानों की नियमित और गुप्त चेकिंग की जाए। अगर किसी दुकान पर ओवर रेटिंग या अनियमितता की शिकायत मिली और उस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य सिर्फ राजस्व में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम खड़ा करना है जो पारदर्शी, जवाबदेह और जनविश्वास पर खरा उतरता हो। रामपुर में शराब माफिया के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस मौके पर आबकारी निरीक्षक अरविन्द कुमार मिश्रा, नंदिनी यादव, प्रफुल्ल कुमार सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल, अनुपम सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक नहीं, रणनीति का रोडमैप बनी मंगलवार की अहम बैठक
मंगलवार को जिला आबकारी कार्यालय में हिम्मत सिंह ने जनपद के सभी थोक अनुज्ञापियों, देशी/विदेशी मदिरा एवं बीयर डिस्ट्रीब्यूटर्स, और आबकारी निरीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब जनपद में कोई भी व्यवधान, ढील या बहाना स्वीकार्य नहीं होगा।

रामपुर को मिली ‘हिम्मत’ की दिशा: कानून का डंडा और नीति का नेतृत्व
रामपुर अब उन जिलों की कतार में खड़ा है, जहां अवैध शराब माफिया की नाक में दम है, और शासन की नीतियों को ईमानदारी और एक्शन के साथ लागू किया जा रहा है। आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की कार्यशैली ने यह साफ कर दिया है कि जो ईमानदारी से काम करेगा, वह सराहा जाएगा और जो कानून तोड़ेगा, वह बख्शा नहीं जाएगा।