नशे के विरुद्ध रामपुर में एकजुट हुआ प्रशासन

-एडीएम संदीप वर्मा की अध्यक्षता और हिम्मत सिंह के नेतृत्व में चला जागरुकता और कार्रवाई का दोहरा अभियान

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। जनपद रामपुर में युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम एफआर संदीप वर्मा की अध्यक्षता में एन-कार्ड (नशा नियंत्रण समन्वय बैठक) का आयोजन किया गया, जिसमें जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने नेतृत्व करते हुए समस्त विभागीय अधिकारियों को एकजुट किया। इस बैठक में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, औषधि, और आबकारी विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा का केंद्र बिंदु यह था कि किस प्रकार से युवा पीढ़ी को नशे के कुचक्र से निकाला जाए और समाज में नशा विरोधी चेतना को एक जनांदोलन का रूप दिया जाए। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि जिले के विद्यालयों में नशा मुक्ति को लेकर शपथ ग्रहण, निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। छात्रों को नशे से होने वाले मानसिक, शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है। वहीं औषधि विभाग ने भरोसा दिया कि मेडिकल स्टोर्स पर बिकने वाली प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की सघन जांच की जा रही है और किसी भी अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने नशा छोडऩे वाले युवाओं के लिए परामर्श और पुनर्वास सेवाओं को सक्रिय करने की बात कही। बैठक में एडीएम एफआर संदीप वर्मा ने जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि रामपुर जनपद में जिस सतत, संगठित और जिम्मेदार तरीके से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, वह दूसरे जिलों के लिए उदाहरण बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक संकल्प है, जिसमें हम सभी को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी है। इस अवसर पर जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार और नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त अभियान चलाया है।

गली-मोहल्लों से लेकर थोक व फुटकर दुकानों तक नजर रखी जा रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय समन्वय बनाते हुए जागरुकता अभियान को और अधिक तेज करें ताकि हर गांव, हर मोहल्ला नशामुक्त हो सके। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ पकड़-धकड़ तक सीमित नहीं रहना, बल्कि युवाओं के सोच को बदलना है और इसके लिए हर माध्यम से संदेश पहुँचाना होगा। इस मौके पर जिला आबकारी निरीक्षक अरविन्द कुमार मिश्रा, नंदिनी यादव, प्रफुल्ल कुमार सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि इस मुहिम को अगले चरण में पंचायतों, स्कूलों, बाजारों और धार्मिक स्थलों तक ले जाकर व्यापक जनसंपर्क स्थापित किया जाएगा, ताकि रामपुर को नशामुक्त जिला बनाने की दिशा में ठोस और टिकाऊ कदम उठाए जा सकें।