जय श्रीराम के नारों से गूंजा कविनगर, भूमि पूजन के साथ रामलीला महोत्सव 2025 की भव्य शुरुआत

-इस वर्ष रामलीला होगी और भी भव्य, 18 सितंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा, पूरे शहर में रामभक्ति का ज्वार उमड़ेगा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर भारत की सबसे भव्य और विशिष्ट रामलीलाओं में शुमार कविनगर की श्री धार्मिक रामलीला का बेसब्री से इंतजार अब समाप्त हो गया है। रविवार को पूरे शहर ने आस्था, श्रद्धा और भक्ति के उस अनुपम संगम का साक्षी बना, जब भूमि पूजन के साथ रामलीला महोत्सव-2025 की तैयारियों का शुभारंभ हुआ। कविनगर रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में रामभक्तों, संत-महात्माओं और भक्तजनों की मौजूदगी में भूमि पूजन का आयोजन ऐसे हुआ मानो स्वयं अयोध्या धाम का दिव्य आभास गाजियाबाद में उतर आया हो। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच हुआ भूमि पूजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि यह भक्ति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का विराट उत्सव बन गया। वातावरण राममय होकर भक्तिरस में डूब गया और हर कोई इस पावन क्षण का सहभागी बनकर स्वयं को धन्य महसूस करता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के साथ हुई।

भूमि पूजन के दौरान माहौल पूरी तरह भक्ति और उत्साह से सराबोर हो गया। सांसद अतुल गर्ग, समिति अध्यक्ष ललित जायसवाल, महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा और कौशांबी यशोदा अस्पताल के निदेशक पी.एन. अरोड़ा ने संयुक्त रूप से फावड़ा चलाकर परंपरागत रीति से भूमि पूजन किया और रामलीला महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शहर और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। जिनमें दूधेश्वर नाथ मठ के प्रमुख महंत नारायण गिरी महाराज, आध्यात्मिक गुरू पवन सिंहा, सांसद अतुल गर्ग, प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप, विधायक अजीत पाल त्यागी, दिनेश गोयल एमएलसी, पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, विधायक संजीव शर्मा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, यशोदा अस्पताल के प्रबंध निदेशक पीएन अरोड़ा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, पूर्व महापौर आशु वर्मा और आशा शर्मा, समाजसेवी सुनील मिगलानी (मिगसन ग्रुप) पार्षद अमित त्यागी एवं शिवम शर्मा, बलदेव राज शर्मा, पूर्व विधायक रूप चौधरी और सुरेंद्र मुन्नी, भाजपा नेता अशोक मोंगा, सरदार एसपी सिंह, ब्रजपाल तेवतिया, रालोद के इंद्रजीत सिंह टीटू, समाजवादी पार्टी के राहुल चौधरी, जीडीए सचिव राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप, अप जिलाधिकारी अरुण कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त भास्कर वर्मा (कविनगर) एवं रितेश त्रिपाठी (कोतवाली), अनिल साँवरिया, वीके अग्रवाल, बीके शर्मा हनुमान, देवेंद्र हितकारी, गुलशन बजाज, नवेंदु सक्सेना, अजय जैन, विवेक मित्तल, आनंद गर्ग, तरुण चोटानी, दिवाकर सिंघल, केपी गुप्ता, मुकेश सिंघल, संजय मित्तल, दिव्यांशु सिंघल, सुशांत चोपड़ा, ऋषि माकड़, मयंक जैन, राजेश गर्ग, विपुल शर्मा, समेत बड़ी संख्या में राम भक्त शामिल हुए।

भूमि पूजन के बाद समिति की ओर से भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। पदाधिकारियों ने स्वयं श्रद्धालुओं और अतिथियों को भोजन प्रसाद ग्रहण कराया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। रामभक्तों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। गाजियाबाद ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में कविनगर की रामलीला अपनी भव्यता और अनुशासन के लिए जानी जाती है। यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु रामलीला मंचन का आनंद लेने आते हैं। इस बार की रामलीला को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है। महंत नारायण गिरी महाराज ने कहा कि कविनगर की रामलीला सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह धर्म, आस्था और संस्कारों का जीवंत पाठशाला है।

भूमि पूजन के साथ आज जिस तरह रामभक्ति का ज्वार उमड़ा, वह इस बात का प्रमाण है कि गाजियाबाद की धरती पर श्रीराम के आदर्श आज भी लोगों के हृदय में जीवित हैं। रामलीला महोत्सव समाज में धर्म, सत्य और मर्यादा के संदेश को और मजबूत करेगा। वहीं आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा ने बताया कि रामलीला हमारे जीवन को धर्म और नीति से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। यहां आकर हर व्यक्ति न केवल श्रीराम की लीला देखता है, बल्कि उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आदर्श स्थापित करने का संकल्प भी लेता है। कविनगर की रामलीला देशभर में अपनी भव्यता और मर्यादा के लिए जानी जाती है और इस वर्ष यह आयोजन और भी प्रेरणादायी होगा।

भव्यता और आकर्षण का होगा अनूठा संगम
समिति अध्यक्ष ललित जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला को नवीन तकनीक और भव्य मंचन से और आकर्षक बनाया जाएगा। मंच पर प्रतिदिन सम्पूर्ण रामायण का सजीव मंचन होगा, जिसमें कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत 18 सितंबर को विशाल शोभायात्रा से होगी। इसमें पारंपरिक झांकियों के साथ देशभक्ति, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलकियां भी दिखाई जाएंगी। जगह-जगह पर स्वागत द्वार और सजावट से पूरा शहर राममय नजर आएगा। 19 सितंबर को माता की विशाल चौकी का आयोजन होगा।

कविनगर की रामलीला उत्तर भारत की शान
भूमि पूजन के दौरान सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि कविनगर की रामलीला न सिर्फ गाजियाबाद की, बल्कि पूरे उत्तर भारत की शान है। यहां रामायण का मंचन लोगों को धर्म और संस्कार से जोड़ता है। भूमि पूजन के साथ आज महोत्सव की शुरुआत हुई है और मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस बार की रामलीला और भी भव्य होगी। गाजियाबाद की जनता की आस्था और सहयोग से यह आयोजन हमेशा ऐतिहासिक बनता है।

रामायण केवल नाटक नहीं, जीवन जीने की सीख है
महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा ने बताया कि श्री धार्मिक रामलीला समिति का उद्देश्य हर वर्ष रामलीला को और अधिक आकर्षक और अनुकरणीय बनाना है। इस बार 18 सितंबर को भव्य शोभा यात्रा से महोत्सव की शुरुआत होगी और प्रतिदिन सम्पूर्ण रामायण का मंचन किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि लोग न केवल रामायण देखें बल्कि उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आदर्शों को उतारें।

समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देती है रामलीला 
भूमि पूजन के दौरान यशोदा अस्पताल के निदेशक पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि रामलीला हमारे समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है। इस मंचन से बच्चों और युवाओं को अपने इतिहास, परंपराओं और मूल्यों को जानने का अवसर मिलता है। मैं श्री धार्मिक रामलीला समिति को इस भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं और विश्वास है कि यह आयोजन समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देगा।