देशभर में आंदोलन करने की बताई जरूरत
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के समर्थन में आज समाजसेवी अन्ना हजारे भी सामने आए। किसानों के पक्ष में उन्होंने एक दिन का अनशन किया। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हित में कदम उठाने चाहिए। समाजसेवी अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जनपद में रालेगण सिद्धि गांव में अनशन किया। उन्होंने किसान आंदोलन को जायज करार दिया। हजारे ने कहा कि किसानों के लिए सड़कों पर आने और अपना मुद्दा हल कराने का यह सही वक्त है। मैंने पहले भी इस मुद्दे का समर्थन किया है। आगे भी किसानों का समर्थन करता रहूंगा। अन्ना हजारे ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को स्वायत्तता देने और एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सरकार को सीएसीपी को स्वायत्तता नहीं देने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू ना करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। हजारे ने कहा कि सरकार सिर्फ आश्वासन देती है, कभी मांगें पूरी नहीं करती। हजारे ने कहा कि देशभर में आंदोलन होना चाहिए ताकि सरकार पर दबाव बने और वह किसानों के हित में कदम उठाए। बता दें कि किसानों ने मंगलवार को भारत बंद बुलाया था। भारत बंद का आयोजन 4 घंटे के लिए था। भारत बंद के समर्थन में 3 दर्जन से ज्यादा राजनीतिक दल सामने आए थे, जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), शिवसेना आदि शामिल हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मुंबई, पंजाब इत्यादि राज्यों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले। महाराष्ट्र की सबसे बड़ी मंडी एपीएमसी का बाजार पूर्णत: बंद रहा। गुजरात के अरवल्ली में किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस कार्यकताओं ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने शामलाजी-भीलोडा-ईडर रोड पर यातायात बाधित कर दिया। भारत बंद के समर्थन में अहमदाबाद के जनपद साणंद में प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित किया था।
















