– जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को अभियान की मिनट-टू-मिनट रूपरेखा तैयार करने के आदेश दिए
– विशेषज्ञ चिकित्सकों के शिविर, ब्लड डोनेशन कैंप और पोषण माह कार्यक्रम सहित समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का आयोजन
– अभियान के दौरान निरोगी काया काउंटर, गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच और संचारी-गैर-संचारी रोगों की जाँच सुनिश्चित
– प्रिंट मीडिया, होर्डिंग, बैनर, स्टैंडी और माइकिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार
– अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश, कार्यक्रम को हर्षोल्लास और सफलता के साथ संपन्न कराने पर विशेष जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। यह अभियान 17 सितंबर से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। इसको सफल बनाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अभियान की मिनट-टू-मिनट रूपरेखा तैयार करने के आदेश दिए और कहा कि प्रत्येक व्यवस्था की सूक्ष्मता से जांच की जाए, ताकि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को न केवल सुचारु रूप से संपन्न कराया जाए बल्कि इसे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ जनता तक पहुँचाया जाए। प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य और सशक्त परिवार का संदेश स्पष्ट रूप से मिले।
कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के शिविर, ब्लड डोनेशन कैंप और पोषण माह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक दिन विभिन्न चिकित्सा सेवाओं और स्वास्थ्य जाँच शिविर का उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। साथ ही अभियान के दौरान निरोगी काया काउंटर, गर्भवती महिलाओं की विशेष जाँच और संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की जाँच भी सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आभा कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट मीडिया, होर्डिंग, बैनर, स्टैंडी और माइकिंग का उपयोग करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अखिलेश मोहन को स्थलीय निरीक्षण के लिए तैनात किया गया, ताकि प्रत्येक शिविर और व्यवस्था का निरिक्षण किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी अभियान की तैयारी में पूरी तरह जुट गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि हमारा उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि इसे हर्षोल्लास और पूर्ण सफलता के साथ संपन्न करना है, ताकि प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण का संदेश पहुंचे।
















