-आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और पशु प्रेमियों के सहयोग से नगर निगम ने शहर में रेबीज मुक्त गाजियाबाद बनाने का लिया संकल्प, शुरू होगा आवारा कुत्तों पर माइक्रोचिप आधारित ट्रैकिंग सिस्टम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वर्ल्ड रेबीज दिवस 2025 के अवसर पर गाजियाबाद नगर निगम ने रविवार को एक बड़े पैमाने पर श्वानों का एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और स्थानीय पशु प्रेमियों के सहयोग से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक कुत्तों का टीकाकरण सफलतापूर्वक किया। उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम नियमित रूप से श्वानों का रजिस्ट्रेशन कर रहा है और उनके रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अवसर पर नगर निगम ने पांचों जोनों में विशेष अभियान चलाया, जिसमें वसुंधरा और इंदिरापुरम के अलावा निलाया ग्रीन, रामप्रस्थ और केडीपी ग्रैंड सवाना में भी टीकाकरण और जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहरवासियों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और पशु प्रेमियों से अपील की कि वे अपने पालतू और अनाथ कुत्तों का टीकाकरण सुनिश्चित करें और रेबीज के प्रति सजग रहें।
नगर निगम ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और शहर को रेबीज मुक्त बनाने के लिए आरएफडी माइक्रोचिप आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत किसी भी आवारा कुत्ते में सर्जरी किए बिना केवल एक इंजेक्शन के माध्यम से माइक्रोचिप डाला जाएगा। यह डिवाइस कुत्ते के शरीर के ऊपर से स्कैन करने पर उसकी पूरी जानकारी प्रदर्शित करेगा, जिसमें बंध्याकरण की स्थिति और वैक्सीनेशन की तिथि शामिल होगी। इस पायलट परियोजना के सफल होने के बाद गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश में आवारा कुत्तों पर इस तरह का पहला प्रयोग करने वाला प्रशासनिक निकाय बन जाएगा। डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि यह नई तकनीक कर्मचारियों को आवारा कुत्तों को एबीसी सेंटर लाने की आवश्यकता समाप्त कर देगी। निगम की टीम सीधे सोसाइटी और अन्य क्षेत्रों में जाकर ही कुत्तों में चिप लगा सकेगी। यह सिस्टम न केवल वैक्सीनेशन के रिकॉर्ड को सटीक रखेगा, बल्कि शहर में आवारा कुत्तों के बंध्याकरण और स्वास्थ्य स्थिति का व्यापक डाटा बैंक भी तैयार करेगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि शहर हित में श्वानों का रजिस्ट्रेशन और रेबीज टीकाकरण बेहद आवश्यक है। हम चाहते हैं कि सभी नागरिक अपने पालतू और अनाथ श्वानों के टीकाकरण में सक्रिय रूप से सहयोग करें। इस माइक्रोचिप से गाजियाबाद को 2030 तक आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली किसी भी रेबीज मृत्यु से मुक्त किया जा सकेगा। यह नगर निगम का पशु कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा का संकल्प है।
नगर निगम की इस पहल से केवल कुत्तों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित नहीं होगा, बल्कि यह शहरवासियों को भी जागरूक करेगी। अभियान के दौरान नगर निगम टीम ने शहरवासियों को रेबीज से बचाव के उपाय, कुत्तों की देखभाल और पशु प्रेमियों की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही बच्चों और युवाओं को भी इस अभियान में शामिल कर जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई। नगर निगम के इस व्यापक अभियान और नए माइक्रोचिप सिस्टम की शुरुआत से गाजियाबाद राज्य में आवारा कुत्तों के प्रबंधन और रेबीज नियंत्रण में एक मिसाल स्थापित करेगा।
इस अभियान से शहरवासियों में विश्वास, सुरक्षा और पशु कल्याण के प्रति गंभीरता बढ़ेगी। डॉ. अनुज कुमार सिंह ने कहा कि नगर निगम लगातार नए और प्रभावी उपायों के माध्यम से आवारा कुत्तों की संख्या और उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि माइक्रोचिप प्रणाली से यह संभव होगा कि नगर निगम को पता चल सके कि कितने कुत्तों का बंध्याकरण हुआ है, कितनों को टीका लगा और शहर में कितने कुत्ते अभी भी वैक्सीनिंग के लिए शेष हैं। इस प्रकार, वर्ल्ड रेबीज डे 2025 का यह अभियान गाजियाबाद नगर निगम की समान दृष्टि से सुरक्षित और स्वच्छ शहर बनाने की पहल में एक महत्वपूर्ण चरण है। यह न केवल रेबीज मुक्त गाजियाबाद के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर करेगा बल्कि पशु कल्याण और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी ठोस कदम साबित होगा।

















