– 2013 की आपदा के बाद से नियमित मां मंदाकिनी आरती का इस वर्ष विधिवत समापन, अगले वर्ष बाबा केदारनाथ के कपाट खुलते ही पुन: आरती होगी
-मंदाकिनी तट पर हवन, पूजा और आरती का भव्य आयोजन, समिति अध्यक्ष और अधिकारी निरीक्षण में शामिल
-श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में भाग लिया, शीतकाल के दौरान मंदिर समिति ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया
उदय भूमि संवाददाता
रुद्रप्रयाग। कार्तिक मास की संक्रांति पर शुक्रवार को केदारनाथ स्थित मां मंदाकिनी की आरती शीतकालीन बंदी के साथ विधिवत रूप से संपन्न हुई। 2013 की आपदा के बाद से लगातार होने वाली मां मंदाकिनी की आरती का यह इस वर्ष का अंतिम आयोजन था। मंदिर समिति के अधिकारियों ने बताया कि अगले वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलते ही आरती पुन: विधिपूर्वक आयोजित की जाएगी। प्रात: 10 बजे केदारनाथ के मंदाकिनी तट पर आरती का भव्य आयोजन हुआ। श्री केदार सभा के तीर्थ पुरोहित ब्राह्मण, मंदिर समिति के अधिकारी और कर्मचारी विधिपूर्वक पूजा और हवन में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, मंत्री अंकित सेमवाल, मीडिया प्रभारी पंकज शुक्ला, सदस्य उमेश पोस्ती और दिलीप तिनसोला सहित रोशन त्रिवेदी उपस्थित रहे। मंदाकिनी तट पर आयोजित हवन और पूजा में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल और पारेश्वर त्रिवेदी ने सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मां गंगा के मुख्य पुजारी प्रदीप शर्मा ने विधिपूर्वक हवन और पूजा का संचालन किया।
आरती के दौरान दीपों की रोशनी और मंत्रों की गूंज पूरे घाट को आध्यात्मिक वातावरण में रंगीन कर रही थी। मंदाकिनी की आरती का शीतकालीन समापन करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रतिकूल मौसम में मंदिर परिसर की नियमित व्यवस्थाओं को बनाए रखना है। समिति के अधिकारियों ने बताया कि शीतकालीन बंदी के दौरान भी मंदिर परिसर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए मां मंदाकिनी से आशीर्वाद लिया और बाबा केदारनाथ के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। मंदिर समिति के अधिकारीयों ने बताया कि इस बार भी आयोजन में अनुशासन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आरती में शामिल सभी पुरोहितों और कर्मचारियों ने अपनी भूमिका पूरी निष्ठा और भक्ति भाव से निभाई।
समिति के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी ने कहा कि मां मंदाकिनी की आरती सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे मंदिर परिसर और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें और अगले वर्ष आरती में फिर से भाग लें। माहौल को और आध्यात्मिक बनाने के लिए मंदाकिनी तट पर दीपों की सजावट और मंत्रों की गूंज ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की गहराई पैदा कर दी। मंदिर समिति ने यह सुनिश्चित किया कि आरती के दौरान सभी सुरक्षा मानक, कोविड प्रोटोकॉल और आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी तरह से लागू हों।
आरती के समापन पर समिति के अधिकारीयों और पुरोहितों ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को धन्यवाद दिया और उन्हें आने वाले वर्ष के लिए मंगलकामनाएँ दी। मंदिर समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलते ही मंदाकिनी आरती पुन: विधिपूर्वक प्रारंभ की जाएगी, और सभी श्रद्धालु अपनी भक्ति के साथ इस आयोजन में शामिल हो सकेंगे। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष, अधिकारी, पुरोहित, मीडिया प्रभारी और श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ उपस्थित रहे। इस भव्य आयोजन ने केदारनाथ घाट को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया और श्रद्धालुओं के मन में गहरी भक्ति और संतोष का अनुभव कराया।

















