- 2880 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, टीम की मुस्तैदी ने नाकाम किया तस्करी का प्लान
- आबकारी विभाग, जीएसटी व पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली-हरियाणा शराब तस्करी का किया भंडाफोड़, 24 घंटे अलर्ट मोड पर मुस्तैद अधिकारी
- शराब माफिया की चालाकियों को किया फेल, 20 हजार अधिक कमाने के चक्कर में तस्कर पहुंचा जेल
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा होते ही राज्य में चुनावी माहौल गर्म हो गया है, लेकिन चुनावी माहौल का फायदा उठाने के लिए शराब माफिया भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। बिहार की ओर शराब तस्करी को लेकर विभिन्न राज्यों के तस्करों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन गौतमबुद्ध नगर आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें सख्ती से रोकते हुए उनकी योजना को धराशायी कर दिया। जिले में आबकारी विभाग के साथ राज्य कर विभाग (जीएसटी) और पुलिस की संयुक्त टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड़ पर रहती हैं। इन टीमों का मकसद है जिले से होकर बिहार और अन्य राज्यों में जाने वाली अवैध शराब की तस्करी को रोकना। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने इस अभियान में रणनीति और मुस्तैदी का परिचय देते हुए जिले को शराब माफियाओं के लिए संवेदनशील मार्ग से सुरक्षित कर दिया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर आबकारी विभाग ने यह साबित कर दिया कि चुनावी माहौल में भी कानून की ताकत और मुस्तैदी किसी भी तस्करी को नाकाम कर सकती है। गौतमबुद्ध नगर के आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम ने इस अभियान के जरिए शराब माफिया को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई की वजह से न केवल शराब तस्करी पर अंकुश लगा, बल्कि जिले के नागरिकों में भी सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है।
शराब माफिया की शातिर योजना नाकाम, बोतलें कॉस्मेटिक बॉक्स में पैक की गई थीं
शराब तस्कर बिहार में शराब भेजने के लिए दिल्ली और हरियाणा की शराब को छोटे हाथी (पिकअप गाड़ी) में भरकर और कॉस्मेटिक पैकिंग में छिपाकर ले जाने की योजना बना रहे थे। उनका इरादा था कि यह सामान कोरियर कंपनी के माध्यम से बिहार तक पहुँचाया जाए। लेकिन आबकारी विभाग की टीम ने उनकी इस योजना को पहले ही पहचान लिया। शुक्रवार रात, दिल्ली नोएडा रोड 14 ए के पास आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, नामवर सिंह, अभिनव शाही और सुश्री सुगंधा सिंह सहायक आयुक्त जीएसटी सचल दल, रोहित गुप्ता एसटीओ जीएसटी एवं पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। गाड़ी को रोकने का संकेत करने पर तस्कर भागने की कोशिश करने लगा। टीम ने घेराबंदी कर गाड़ी को पकड़ लिया और तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी में पाया गया कि कॉस्मेटिक पैकिंग के अंदर 2880 बोतल ‘माउंटेन ओक’ ब्रांड शराब भरी हुई थी, जो दिल्ली से बिहार भेजी जानी थी। गाड़ी के अंदर लगभग 60 पेटी शराब थीं। जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये है। चालक राजकुमार निवासी दिल्ली ने पूछताछ में बताया कि शराब बिहार तक पहुँचाने के लिए उसे अतिरिक्त 20,000 रुपये दिए जाने थे।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शराब तस्करी के मामलों में उनकी टीम हमेशा एक कदम आगे रहती है। हमारा मकसद न केवल शराब की तस्करी रोकना है, बल्कि जनपद को शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित बनाना भी है। हमने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो। इसके लिए हम 24 घंटे सतर्क रहते हैं और सड़क मार्गों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में पुलिस और जीएसटी टीम का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा। टीम ने रणनीति के तहत तस्करों के रूट का अनुमान लगाकर उनकी हर चाल को ट्रैक किया और मौके पर ही उन्हें दबोच लिया।
जिले की संवेदनशील स्थिति में आबकारी विभाग की मुस्तैदी की सराहना
गौतमबुद्ध नगर, जो दिल्ली और हरियाणा से सटे होने के कारण शराब तस्करों के लिए संवेदनशील माना जाता है, इस बार भी आबकारी विभाग की सक्रियता के कारण सुरक्षित बना रहा। शराब माफिया चाहे कितनी भी शातिर चालें चल लें, सुबोध कुमार श्रीवास्तव की टीम हर बार उनकी योजना को फेल कर देती है। आबकारी अधिकारी ने बताया चुनावी माहौल में शराब की तस्करी बढ़ सकती है, इसलिए हम विशेष सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं। हमारी टीम ने रोड चेकिंग के दौरान तस्करों के चालाकी भरे हथकंडों को पहले ही भांप लिया और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
आबकारी विभाग का गठजोड़ : जीएसटी और पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई
जिले में शराब तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग ने पुलिस और जीएसटी के साथ मिलकर रणनीति बनाई है। राजमार्ग और राष्ट्रीय मार्ग पर वाहनों की संदिग्ध चेकिंग की जा रही है। टीमों ने जिले में 24 घंटे अलर्ट मोड बनाए रखा है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि तस्करों को पकडऩे में सबसे बड़ी चुनौती उनकी शातिर रणनीति होती है। तस्कर शराब को छिपाने के लिए कॉस्मेटिक पैकिंग और छोटे हाथी जैसी गाडिय़ों का सहारा लेते हैं, लेकिन आबकारी टीम की सतर्कता और तकनीकी ज्ञान के कारण हर चाल का पर्दाफाश हो जाता है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में इस तरह के अभियान लगातार चलते रहेंगे। उनका संदेश साफ है कि शराब माफिया कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और टीमों को निर्देश दिए हैं कि चुनावी माहौल में भी पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ अभियान जारी रखें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि न केवल गौतमबुद्ध नगर, बल्कि पूरे प्रदेश में शराब तस्करी की घटनाओं को न्यूनतम किया जाए। हमारी टीम की मुस्तैदी और सतर्कता ही इस कामयाबी की कुंजी है।

















