नोएडा एयरपोर्ट का शुभारंभ जल्द, 15 दिसंबर से शुरू होंगी उड़ानें

-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण कार्य लगभग पूरा, सुविधाओं का ट्रायल

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। पहले कार्गो व घरेलू उड़ान सेवाएँ शामिल होंगी। इससे पहले एयरपोर्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री करेंगे। इसकी तैयारी चल रही हैं।
जेवर में 1334 हेक्टेयर में नोएडा एयरपोर्ट मूर्त रूप ले रहा है। अब इसके संचलान की तिथि तय हो गई है। दरअसल पिछले महीने मुख्यमंत्री आए थे। उन्हें बताया गया था कि 15 नवंबर तक एयरपोर्ट का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद 15 दिसंबर से उड़ान शुरू हो जाएंगी। यही तिथि अब फाइनल हो गई है। पहले चरण में केवल घरेलू उड़ानें ही संचालित होंगी और बाद में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की जाएगी। यह कदम इस क्षेत्र की बढ़ती यात्रा-मांग और राजधानी के नजदीक एक अतिरिक्त एयरपोर्ट की जरूरत को पूरा करता है।

यह एयरपोर्ट आधुनिक नेविगेशन-सिस्टम से लैस है, जिससे कोहरे या कम दृश्यता की स्थिति में भी सुरक्षित संचालन संभव होगा। एयरपोर्ट को चलाने के लिए सुरक्षा और लाइसेंसिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही एयरोड्रम लाइसेंस जारी होगाा। यूपी सरकार और परियोजना प्रबंधन ने कहा है कि यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र में बेजोड़ हवाई यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएगा और अगले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के विस्तार के लिए तैयार रहेगा। यात्रियों के लिए यह शुभ संकेत है कि जल्द ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से भी हवाई यात्रा आसान और सुलभ हो जाएगी। एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 15 दिसंबर से संचालन शुरू हो जाएगा।

नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो सेवा शुरू होने से उद्योगों को उड़ान मिलेगी। उत्पादन के बाद उद्यमियों को दूसरे देशों में सामान भेजने में दिक्कत नहीं आएगी। साथ ही वह कोई भी सामान आसानी से मंगा सकेंगे। यमुना सिटी में उत्तर भारत का मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। नोएडा एयरपोर्ट का इसको फायदा मिलेगा। नोएडा एयरपोर्ट का विकास दो चरण में प्रस्तावित है। पहले चरण में दो एयरपोर्ट बनेंगे। जबकि दूसरे चरण में रनवे की संख्या पांच हो जाएगी। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। पहले चरण के चार फेज होंगे। पहले फेज में1.2 करोड़ यात्री क्षमता से शुरू होगी। दूसरे फेज में 03 करोड़ यात्री सालाना 2031 तक पहुचंने की उम्मीद है। तृतीय फेज में 2035 तक 05 करोड़ यात्री सालाना हो सकते हैं। चौथे फेज में सात करोड़ यात्री 2040 तक हो सकते हैं।